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बस्ती- बच्चे डूबे
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तालाब में नहाने गए दो किशोर डूबे, मौत
- वाल्टरगंज के सिसवारी गांव की घटना, परिवार में कोहराम, गांव में पसरा मातम
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकचंद (बस्ती)। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिसवारी गांव में शनिवार को तालाब में नहाने गए दो किशोर डूब गए। दूसरे बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे गांव वालों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सिसवारी गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास तालाब है। यहीं एक विशाल पीपल का पेड़ भी है। गर्मी में इस पेड़ के नीचे गांव के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। लोग यहां आराम करने के बाद तालाब में नहाते हैं और फिर घर जाते हैं। शनिवार सुबह 11 बजे के करीब भी यहां कई लोग थे। थोड़ी देर में वे नहाकर और अपनी भैंसों को नहलाकर चले गए। इसके बाद पांच-छह की संख्या में बच्चे और किशोर तालाब में नहाने उतरे। इसी दौरान सफीकुल्लाह (13) और मोहम्मद समीर (13) गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को डूबता देख दूसरे बच्चों ने शोर मचाया। शोर सुनकर गांव के लोग पहुंचे और दोनों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौत की खबर सुनते ही दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस, क्षेत्रीय लेखपाल विनोद कुमार और ग्राम प्रधान मोहम्मद सफात ने घटना की जानकारी ली।
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ईद मानने गांव आया था समीर
- समीर के पिता मोहम्मद आशिफ मुंबई में कपड़ा सिलाई का काम करते हैं। समीर तीन भाइयों व एक बहन में सबसे बड़ा था। वह मुंबई में पिता के साथ रहकर काम सीख रहा था। एक सप्ताह पहले वह ईद मनाने के लिए गांव आया था। गर्मी की वजह से परेशान समीर सफीकुल्लाह और अन्य बच्चों के साथ तालाब में नहाने चला गया। सफीकुल्लाह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके पिता काम के सिलसिले में सऊदी अरब गए हैं।
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तालाब में नहाने गए दो किशोर डूबे, मौत
- वाल्टरगंज के सिसवारी गांव की घटना, परिवार में कोहराम, गांव में पसरा मातम
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकचंद (बस्ती)। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के सिसवारी गांव में शनिवार को तालाब में नहाने गए दो किशोर डूब गए। दूसरे बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे गांव वालों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सिसवारी गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास तालाब है। यहीं एक विशाल पीपल का पेड़ भी है। गर्मी में इस पेड़ के नीचे गांव के लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। लोग यहां आराम करने के बाद तालाब में नहाते हैं और फिर घर जाते हैं। शनिवार सुबह 11 बजे के करीब भी यहां कई लोग थे। थोड़ी देर में वे नहाकर और अपनी भैंसों को नहलाकर चले गए। इसके बाद पांच-छह की संख्या में बच्चे और किशोर तालाब में नहाने उतरे। इसी दौरान सफीकुल्लाह (13) और मोहम्मद समीर (13) गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को डूबता देख दूसरे बच्चों ने शोर मचाया। शोर सुनकर गांव के लोग पहुंचे और दोनों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौत की खबर सुनते ही दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस, क्षेत्रीय लेखपाल विनोद कुमार और ग्राम प्रधान मोहम्मद सफात ने घटना की जानकारी ली।
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ईद मानने गांव आया था समीर
- समीर के पिता मोहम्मद आशिफ मुंबई में कपड़ा सिलाई का काम करते हैं। समीर तीन भाइयों व एक बहन में सबसे बड़ा था। वह मुंबई में पिता के साथ रहकर काम सीख रहा था। एक सप्ताह पहले वह ईद मनाने के लिए गांव आया था। गर्मी की वजह से परेशान समीर सफीकुल्लाह और अन्य बच्चों के साथ तालाब में नहाने चला गया। सफीकुल्लाह चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके पिता काम के सिलसिले में सऊदी अरब गए हैं।
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