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42 डिग्री तापमान में गंडक कर रही कटान
Thu, 23 May 2019 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 May 2019 01:06 AM IST
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गोरखपुर। बरसात अभी दूर है, तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर अभी नीचे है, फिर भी गंडक नदी कुशीनगर में एपी तटबंध पर कटान कर रही है। उसे रोकने का उपाय नहीं होने से नाराज लोगों ने जब धरना-प्रदर्शन शुरू किया तो विभाग की नींद खुली। डीएम ने अधिशासी अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव कोे पत्र लिखा। उसके बाद उच्चाधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। फिर बचाव कार्य तेजी से शुरू हुआ। अब स्थिति नियंत्रण में है।
गंडक अंतर्राज्यीय नदी है, जो नेपाल से निकल कर उत्तर प्रदेश होते बिहार तक जाती है। बरसात के बाद बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना की टीम पूरे गंडक जोन का निरीक्षण करती है। उस टीम में विशेषज्ञ इंजीनियर होते हैं, जो कटान स्थलों का निरीक्षण करने के बाद परियोजना बनाते हैं, जिसके स्वीकृति होने पर सिंचाई विभाग कार्य कराता है। इस साल भी अक्तूबर में टीम आई थी और निरीक्षण के बाद प्रोजेक्ट को तैयार किया। उसमें एपी तटबंध के बचाव के लिए भी प्रोजेक्ट बनाया गया था, पर कहा जा रहा है कि उसमें से कोई अभी स्वीकृत नहीं हुआ था। दूसरी तरफ एपी तटबंध पर गंडक अचानक कटान करने लगी। स्थानीय लोग कटान देखकर भयभीत हो गए। विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाकर लोगों ने आंदोलन शुरू किया। विभाग के जिम्मेदार कह रहे थे कि कैसे कार्य कराएं, जब वहां पर कोई प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया। खबर लखनऊ तक पहुंची तो अधिकारियों ने मौके निरीक्षण कर तुरंत कार्य कराने के लिए कहा। विभाग ने कार्य करा कर कटान को रोक दिया है।
जहां कटान हो रही थी, वहां कोई प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं था। ऐसी स्थिति में कार्य कराना संभव नहीं था। ऊपर जब शिकायत पहुंची तो अधिकारियों ने निरीक्षण किया और काम कराने का आदेश दिया। कार्य कराकर कटान को रोक दिया गया है।
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- भरत राम अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड कुशीनगर
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गंडक अंतर्राज्यीय नदी है, जो नेपाल से निकल कर उत्तर प्रदेश होते बिहार तक जाती है। बरसात के बाद बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना की टीम पूरे गंडक जोन का निरीक्षण करती है। उस टीम में विशेषज्ञ इंजीनियर होते हैं, जो कटान स्थलों का निरीक्षण करने के बाद परियोजना बनाते हैं, जिसके स्वीकृति होने पर सिंचाई विभाग कार्य कराता है। इस साल भी अक्तूबर में टीम आई थी और निरीक्षण के बाद प्रोजेक्ट को तैयार किया। उसमें एपी तटबंध के बचाव के लिए भी प्रोजेक्ट बनाया गया था, पर कहा जा रहा है कि उसमें से कोई अभी स्वीकृत नहीं हुआ था। दूसरी तरफ एपी तटबंध पर गंडक अचानक कटान करने लगी। स्थानीय लोग कटान देखकर भयभीत हो गए। विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाकर लोगों ने आंदोलन शुरू किया। विभाग के जिम्मेदार कह रहे थे कि कैसे कार्य कराएं, जब वहां पर कोई प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं है। स्थानीय नागरिकों ने चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया। खबर लखनऊ तक पहुंची तो अधिकारियों ने मौके निरीक्षण कर तुरंत कार्य कराने के लिए कहा। विभाग ने कार्य करा कर कटान को रोक दिया है।
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जहां कटान हो रही थी, वहां कोई प्रोजेक्ट स्वीकृत नहीं था। ऐसी स्थिति में कार्य कराना संभव नहीं था। ऊपर जब शिकायत पहुंची तो अधिकारियों ने निरीक्षण किया और काम कराने का आदेश दिया। कार्य कराकर कटान को रोक दिया गया है।
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- भरत राम अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड कुशीनगर