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जल निगम के चीफ इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर से जवाब तलब
Updated Fri, 28 Jul 2017 02:26 AM IST
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गोरखपुर। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कामों में लापरवाही पर कमिश्नर अनिल कुमार ने विभिन्न विभागों के अफसरों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कुछ पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। रामगढ़ताल के सौंदर्यीकरण और वाटर स्पोर्ट्स योजना में लापरवाही पर कमिश्नर ने जल निगम के मुख्य अभियंता और परियोजना प्रबंधक से जवाब तलब किया है। चेतावनी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो वे कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहें।
गुरुवार की दोपहर 3.30 बजे से करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में कमिश्नर ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले सभी कामों की बिंदुवार समीक्षा की। महराजगंज में वनटांगिया गांव में मुसहर जाति के लोगों को पेंशन देने में देरी पर उन्होंने वहां के समाज कल्याण अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसी तरह उन्होंने पीपीगंज-जसवल, सिसही सहजनवां मार्ग, वशीवट पुल पर बने एर्पोच मार्ग तथा गोरखपुर- पिपराईच मार्ग का उप निदेशक अर्थ एवं संख्या तथा अधीक्षण अभियन्ता की कमेटी बनाकर जाच कराने को कहा।
कमिश्नर ने फ र्टिलाइजर कारखाने को संचालित करने के लिए अब तक हुई कार्यों की व एम्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए गन्ना शोध संस्थान एवं अन्य विभागों के कार्यालय को जल्द स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। प्रेक्षागृह के संबंध में उन्होंने और तेजी से कार्य करने को कहा। इसी तरह गोरखपुर-वाराणसी फ ोरलेन राजमार्ग के निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रतिकर के भुगतान में और तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने सड़कों को गड्ढामुक्त करने, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, चिडियाघर, मेट्रो आदि योजनाओं की भी प्रगति जांची। इस दौरान डीएम राजीव रौतेला, उपाध्यक्ष जीडीए वैभव श्रीवास्तव, सीडीओ अनुज सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश, संयुक्त विकास आयुक्त उप निदेशक अर्थ एवं संख्या सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
गुरुवार की दोपहर 3.30 बजे से करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में कमिश्नर ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले सभी कामों की बिंदुवार समीक्षा की। महराजगंज में वनटांगिया गांव में मुसहर जाति के लोगों को पेंशन देने में देरी पर उन्होंने वहां के समाज कल्याण अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। इसी तरह उन्होंने पीपीगंज-जसवल, सिसही सहजनवां मार्ग, वशीवट पुल पर बने एर्पोच मार्ग तथा गोरखपुर- पिपराईच मार्ग का उप निदेशक अर्थ एवं संख्या तथा अधीक्षण अभियन्ता की कमेटी बनाकर जाच कराने को कहा।
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कमिश्नर ने फ र्टिलाइजर कारखाने को संचालित करने के लिए अब तक हुई कार्यों की व एम्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए गन्ना शोध संस्थान एवं अन्य विभागों के कार्यालय को जल्द स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। प्रेक्षागृह के संबंध में उन्होंने और तेजी से कार्य करने को कहा। इसी तरह गोरखपुर-वाराणसी फ ोरलेन राजमार्ग के निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रतिकर के भुगतान में और तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने सड़कों को गड्ढामुक्त करने, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, चिडियाघर, मेट्रो आदि योजनाओं की भी प्रगति जांची। इस दौरान डीएम राजीव रौतेला, उपाध्यक्ष जीडीए वैभव श्रीवास्तव, सीडीओ अनुज सिंह, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश, संयुक्त विकास आयुक्त उप निदेशक अर्थ एवं संख्या सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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