{"_id":"5b85a07842c7924670023c07","slug":"141535484024-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमजीपीजी कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह का लोगो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमजीपीजी कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह का लोगो
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमजीपीजी कॉलेज के स्वर्ण जयंती ‘लोगो’ व कुलगीत का लोकार्पण
- अतिथियों ने कॉलेज के 50 वर्षों की यात्रा की यादें साझा कीं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। महात्मा गांधी पीजी कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह के लिए मंगलवार को स्वर्ण जयंती प्रतीक चिह्न (लोगो) और महाविद्यालय के कुलगीत का लोकार्पण संरक्षण मंडल ने किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की रिटायर्ड न्यायमूर्ति पूनम श्रीवास्तव ने कहा कि इस महाविद्यालय ने शिक्षा की गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। यही वजह है कि विज्ञान की पढ़ाई में इसका अलग महत्व है। हाईकोर्ट के ही रिटायर्ड न्यायमूर्ति प्रमोद श्रीवास्तव ने कहा कि महाविद्यालय अपनी गरिमा को हर परिस्थिति में कायम रखे हुए है। शिक्षाविद प्रो. अशोक प्रसाद ने कहा कि महाविद्यालय ने विज्ञान एवं तकनीक की जो सुविधाएं दी हैं, अतुलनीय है। प्रबंध समिति के मंकेश्वर नाथ पांडेय ने आगंतुकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि महाविद्यालय ने 50 वर्ष की अपनी सफल यात्रा पूरी की है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण जी श्रीवास्तव एवं प्रबंधक प्रेम नारायण श्रीवास्तव ने महाविद्यालय के विकास में शिक्षकों के योगदान की चर्चा की। स्वागत कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसके श्रीवास्तव ने किया।
इस अवसर पर सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, प्रदीप नारायण श्रीवास्तव, प्रो. योगेंद्र नारायण, अनुपम सहाय, अरुण अग्रहरि, मदन मोहन गुप्ता, डॉ. गोपाल जी श्रीवास्तव, डॉ. एसपी त्रिपाठी, पूर्वी नारायण, डॉ. आरके खरे, डॉ. एसपी त्रिपाठी, पुष्प दंत जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
- अतिथियों ने कॉलेज के 50 वर्षों की यात्रा की यादें साझा कीं
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। महात्मा गांधी पीजी कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह के लिए मंगलवार को स्वर्ण जयंती प्रतीक चिह्न (लोगो) और महाविद्यालय के कुलगीत का लोकार्पण संरक्षण मंडल ने किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की रिटायर्ड न्यायमूर्ति पूनम श्रीवास्तव ने कहा कि इस महाविद्यालय ने शिक्षा की गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं किया। यही वजह है कि विज्ञान की पढ़ाई में इसका अलग महत्व है। हाईकोर्ट के ही रिटायर्ड न्यायमूर्ति प्रमोद श्रीवास्तव ने कहा कि महाविद्यालय अपनी गरिमा को हर परिस्थिति में कायम रखे हुए है। शिक्षाविद प्रो. अशोक प्रसाद ने कहा कि महाविद्यालय ने विज्ञान एवं तकनीक की जो सुविधाएं दी हैं, अतुलनीय है। प्रबंध समिति के मंकेश्वर नाथ पांडेय ने आगंतुकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि महाविद्यालय ने 50 वर्ष की अपनी सफल यात्रा पूरी की है। प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण जी श्रीवास्तव एवं प्रबंधक प्रेम नारायण श्रीवास्तव ने महाविद्यालय के विकास में शिक्षकों के योगदान की चर्चा की। स्वागत कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसके श्रीवास्तव ने किया।
विज्ञापन
इस अवसर पर सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, प्रदीप नारायण श्रीवास्तव, प्रो. योगेंद्र नारायण, अनुपम सहाय, अरुण अग्रहरि, मदन मोहन गुप्ता, डॉ. गोपाल जी श्रीवास्तव, डॉ. एसपी त्रिपाठी, पूर्वी नारायण, डॉ. आरके खरे, डॉ. एसपी त्रिपाठी, पुष्प दंत जैन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन