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बाकी रेंज का नहीं था भूख से मरा तेंदुआ : रेंजर
Sat, 23 Mar 2019 11:39 PM IST
राकेश पांडेय
Maharajganj
Maharajganj
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 23 Mar 2019 11:39 PM IST
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कहा, पनियरा बाकी रेंज में नहीं है कोई तेंदुआ, अन्य रेंज से आने की जताई आशंका
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। धवई बीट में समय माता स्थान के सामने चिलुआ नाले में भूख की वजह से दम तोड़ने वाला तेंदुआ पनियरा बाकी रेंज का नहीं था। यह कहना है रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विजय कुमार श्रीवास्तव का। उनके मुताबिक बाकी रेंज में एक भी तेंदुआ नहीं है। मृत मिला तेंदुआ किसी अन्य रेंज से यहां आया होगा और घायल होने की वजह से भूख-प्यास से यहां उसकी मौत हो गई।
पनियरा बाकी रेंज के धवई बीट में चिलुआ नाले में शुक्रवार को तेंदुए मरा पाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत भूख-प्यास से होने की पुष्टि हुई। बताया गया था कि तेंदुए की मौत 72 घंटे पहले हुई थी। उसका आगे का दाहिना पैर टूटा हुआ था। इस वजह से वह शिकार करने में असमर्थ था। शनिवार को पनियरा बाकी रेंज के रेंजर विजय कुमार श्रीवास्तव से जब तेंदुओं के संरक्षण की व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाकी रेंज में एक भी तेंदुआ नहीं है। भूख से मरने वाला तेंदुआ इस रेंज का नहीं था। वह किसी अन्य रेंज से भटककर यहां आ पहुंचा था और यहां भूख से उसने दम तोड़ दिया।
साहब को नहीं पता रेंज में कितने वनकर्मी हैं
- गोरखपुर वन प्रभाक के पनियरा बाकी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) विजय कुमार श्रीवास्तव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें इस बात की सटीक जानकारी नहीं है कि रेंज में कितने वनकर्मी तैनात हैं। फाइल देखने के बाद ही वह यहां तैनात वनकर्मियों की संख्या बता पाएंगे। श्रीवास्तव से पूछा गया था कि बाकी रेंज में वन्यजीवों की निगरानी और अन्य कार्यों के लिए कितने वनकर्मी तैनात हैं।
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गोरखपुर वन प्रभाग के रेंज
- इस वन प्रभाग में फरेंदा रेंज, बाकी रेंज और कैंपियरगंज रेंज शामिल हैं। इस रेंज के जंगल काफी घने हैं, जो वन्यजीवों के रहने के अनुकूल हैं।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के रेंज
- इस वन्यजीव प्रभाग में कुल सात रेंज हैं। इनमें लक्ष्मीपुर, चौक उत्तरी, चौक दक्षिणी, मधवलिया, पकड़ी, निचलौल, शिवपुर रेंज शामिल हैं। यहां कुल 120 वनकर्मी तैनात हैं। वर्तमान में इस वन्यजीव प्रभाग में चार बाघ और 35 तेंदुए हैं।
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पनियरा बाकी रेंज के धवई बीट में चिलुआ नाले में शुक्रवार को तेंदुए मरा पाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत भूख-प्यास से होने की पुष्टि हुई। बताया गया था कि तेंदुए की मौत 72 घंटे पहले हुई थी। उसका आगे का दाहिना पैर टूटा हुआ था। इस वजह से वह शिकार करने में असमर्थ था। शनिवार को पनियरा बाकी रेंज के रेंजर विजय कुमार श्रीवास्तव से जब तेंदुओं के संरक्षण की व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाकी रेंज में एक भी तेंदुआ नहीं है। भूख से मरने वाला तेंदुआ इस रेंज का नहीं था। वह किसी अन्य रेंज से भटककर यहां आ पहुंचा था और यहां भूख से उसने दम तोड़ दिया।
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साहब को नहीं पता रेंज में कितने वनकर्मी हैं
- गोरखपुर वन प्रभाक के पनियरा बाकी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) विजय कुमार श्रीवास्तव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें इस बात की सटीक जानकारी नहीं है कि रेंज में कितने वनकर्मी तैनात हैं। फाइल देखने के बाद ही वह यहां तैनात वनकर्मियों की संख्या बता पाएंगे। श्रीवास्तव से पूछा गया था कि बाकी रेंज में वन्यजीवों की निगरानी और अन्य कार्यों के लिए कितने वनकर्मी तैनात हैं।
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गोरखपुर वन प्रभाग के रेंज
- इस वन प्रभाग में फरेंदा रेंज, बाकी रेंज और कैंपियरगंज रेंज शामिल हैं। इस रेंज के जंगल काफी घने हैं, जो वन्यजीवों के रहने के अनुकूल हैं।
सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के रेंज
- इस वन्यजीव प्रभाग में कुल सात रेंज हैं। इनमें लक्ष्मीपुर, चौक उत्तरी, चौक दक्षिणी, मधवलिया, पकड़ी, निचलौल, शिवपुर रेंज शामिल हैं। यहां कुल 120 वनकर्मी तैनात हैं। वर्तमान में इस वन्यजीव प्रभाग में चार बाघ और 35 तेंदुए हैं।