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हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन से दो हफ्ते में मांगा जवाब
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Thu, 13 Sep 2018 02:04 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में विधि छठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों को मतदान और चुनाव लड़ने से वंचित किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तलब किया है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन से दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
छात्रसंघ चुनाव में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विधि के छठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के मतदान पर रोक लगा दी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क था कि सत्र विलंब होने के कारण ये छात्र मतदाता नहीं हो सकते हैं। सत्र समय से चलता तो विद्यार्थी पढ़ाई पूरी कर लेते। चुनाव अधिकारी प्रो. ओपी पांडेय ने विद्यार्थियों को बताया था कि इस मामले को छात्रसंघ चुनाव के लिए गठित सलाहकार समिति के सामने रखा गया था, समिति ने भी निर्णय पर मुहर लगा दी थी। इस फैसले के बाद छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर पर्चा दाखिल करने वाले प्रणव द्विवेदी का पर्चा खारिज कर दिया गया था।
प्रणव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बुधवार को हाईकोर्ट में जस्टिस संगीता चंद्रा की बेंच ने मामले की सुनवाई की। प्रणव की ओर से अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार पांडेय एवं संजय पाठक ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने छात्रों को अधिकारों से वंचित किए जाने का मामला उठाया। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दो हफ्ते का समय देते हुए पक्ष रखने को कहा है।
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छात्रसंघ चुनाव में गोरखपुर विश्वविद्यालय ने विधि के छठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों के मतदान पर रोक लगा दी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क था कि सत्र विलंब होने के कारण ये छात्र मतदाता नहीं हो सकते हैं। सत्र समय से चलता तो विद्यार्थी पढ़ाई पूरी कर लेते। चुनाव अधिकारी प्रो. ओपी पांडेय ने विद्यार्थियों को बताया था कि इस मामले को छात्रसंघ चुनाव के लिए गठित सलाहकार समिति के सामने रखा गया था, समिति ने भी निर्णय पर मुहर लगा दी थी। इस फैसले के बाद छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर पर्चा दाखिल करने वाले प्रणव द्विवेदी का पर्चा खारिज कर दिया गया था।
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प्रणव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। बुधवार को हाईकोर्ट में जस्टिस संगीता चंद्रा की बेंच ने मामले की सुनवाई की। प्रणव की ओर से अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार पांडेय एवं संजय पाठक ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने छात्रों को अधिकारों से वंचित किए जाने का मामला उठाया। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दो हफ्ते का समय देते हुए पक्ष रखने को कहा है।
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