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उफनाई बानगंगा, ट्रैक्टर-ट्रालियां डूबीं

Fri, 30 Jun 2017 10:59 PM IST
Updated Fri, 30 Jun 2017 10:59 PM IST
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उफनाई बानगंगा, ट्रैक्टर-ट्रालियां डूबीं
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। नेपाल की पहाड़ी नदियों से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से बानगंगा बैराज के आसपास के गांवों के लोग गत वर्ष जैसी तबाही की आशंका से सहम गए। चंद घंटे में ही नदी का जलस्तर डेढ़ फीट ऊपर चला गया। नदी के किनारे बालू खनन कर रही कई ट्रैक्टर ट्रालियां नदी में समा गईं। आनन-फानन में विभाग ने बैराज के कुल 16 में आठ फाटक खोलकर नहरों के जरिए पानी निकाला गया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी। फिलहाल बानगंगा का जलस्तर सामान्य स्थिति पर बना हुआ है।
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नेपाल से पानी आने की यही रफ्तार रही तो बाढ़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नेपाल के पहाड़ों से आने वाला पानी बानगंगा पर निर्मित बैराज में एकत्रित होता है। बताते हैं कि शुक्रवार की सुबह तक नदी का जलस्तर सामान्य रूप से 93.20 मीटर था। दोपहर करीब एक बजे अचानक भारी मात्रा में पानी आने से नदी का जलस्तर खतरे के निशान (94.45 मीटर) के करीब 93.60 मीटर तक पहुंच गया। लगातार पानी आने से बैराज के पीछे स्थित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन गई थी। गत वर्ष ऐसी ही स्थिति में बानगंगा बैराज की पटरी टूट गई थी, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया था। खतरे को भांपते हुए अफसरों ने आनन-फानन में बैराज के आठ फाटक खोलकर पानी निकालना शुरू किया। बैराज से तेज रफ्तार में पानी छोड़े जाने का असर दूसरी ओर स्थित गांवों में दिखने लगा। बैराज के आगे लेदवां घाट के पास बालू की निकासी में लगी ट्रैक्टर ट्रालियां देखते ही देखते पानी में समा गई। मजदूरों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। यहां कितनी ट्रालियां थीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिसवा के अमित श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, चिल्हिया के पप्पू व मुन्ना की ट्राली समेत करीब 10-12 ट्राली बालू निकासी में लगी थी। हालांकि विभाग ने तीन ट्रालियों के नदी के पानी में फंसने की पुष्टि की है। करीब दो घंटे तक आठ फाटक खोलकर पानी निकालने के बाद जलस्तर 93.40 तक पहुंचा, तब जाकर फाटक बंद किया गया। इस संबंध में ड्रेनेज खंड के ड्रेनेज खंड के जेई एमटी राव के मुताबिक बानगंगा का जलस्तर 93.60 से ऊपर होने पर बैराज के 16 में से आठ गेट एक फीट खोल दिया गया। इस कारण नदी में जलस्तर की वृद्धि हो गई। करीब एक बजे से तीन बजे तक कुल तीन घंटा नदी में जलस्तर बढ़ा हुआ था। इस समय नदी का जलस्तर सामान्य रूप 93.40 है।
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फाटक न खुलता तो डैमेज होता बैराज
ड्रेनेज खंड के एक्सईएन बीपी सिंह का कहना था कि नेपाल से भारी मात्रा में पानी अचानक आने से स्थिति बिगड़ी। सुरक्षा के लिहाज से फाटक खोले गए थे। अगर फाटक खोलकर पानी नहीं निकाला गया होता तो बैराज डैमेज हो सकता था। हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल पानी सामान्य स्तर पर है। नेपाल में बारिश को देखते हुए तटवर्ती गांव के लोगों को आगाह किया जा रहा है।


गत वर्ष बैराज की पटरी टूटने से मची थी तबाही
वर्ष- 2016 में 27 जुलाई को नेपाल के पहाड़ों से पानी इसी तरह अचानक आ गया था। स्थानीय स्तर की बारिश के साथ बाहर से पानी आने के चलते बानगंगा बैराज की पटरी करीब 8 फीट तक टूट गई थी। इससे शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। 24 घंटे तक बढनी-शोहरतगढ़ नेशनल हाईवे पर आवागमन बंद रहा।
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