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एनजीटी का सहारा प्रबंधन को नोटिस
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:20 AM IST
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गोरखपुर।
सहारा शहर का सीवरेज कचरा और गंदा पानी सीधे रामगढ़ताल में गिराने से नाराज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सहारा प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने या फिर रामगढ़ताल में गिरने वाले नाले को बंद करने की हिदायत दी है। मामले की अगली सुनवाई 28 जून को होगी।
सहारा शहर गोरखपुर-देवरिया बाईपास पर स्थित है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सहारा प्रबंधन की थी लेकिन सेबी से विवाद के बाद व्यवस्था चरमरा गई। सहारा शहर में बिजली, पानी की आपूर्ति की समस्या खड़ी हो गई। इसके बाद ही सहारा वेलफेयर सोसायटी का गठन किया गया। व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाने की कसरत शुरू हुई लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले 45 लाख रुपये के बिजली बिल बकाये में पानी सप्लाई का कनेक्शन कटा, फिर सहारा क्लब सील कर दिया गया। सोसायटी ने अफसरों से बात की और स्थानीय निवासियों की समस्याएं बताईं, तब जाकर बिजली का कनेक्शन जुड़ सका। क्लब का सील खोला गया। अब एनजीटी के नोटिस ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। यह नोटिस सहारा प्रबंधन को भेजी गई है। इसकी एक कॉपी सहारा वेलफेयर सोसायटी को भी भेजी गई है। इस कारण स्थानीय निवासी सहमे हैं। उनका कहना है कि मकान, दुकान खरीदने पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। सीवरेज का मुख्य नाला बंद हुआ तो सहारा शहर में रहना मुश्किल हो जाएगा। नाले का पानी घरों में आएगा।
ट्रीटमेंट प्लांट बंद
सहारा शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा था लेकिन प्रबंधन की स्थिति डांवाडोल होने के बाद यह बंद हो गया। अब सारा कचरा सीधे रामगढ़ताल में आ रहा है।
सहारा शहर नगर निगम में नहीं है। अब प्रबंधन को ही नाला टैप करना है। नीरा शुक्ला की तरफ से दाखिल मामले में नगर निगम, जीडीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित कई विभाग पार्टी हैं। अगली सुनवाई 28 जून को होनी है।
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- एसबी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
सहारा प्रबंधन की गलत नीतियों का खामियाजा सहारा शहर के लोग भुगत रहे हैं। पहले क्लब सील हुआ, जिसे नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल की मदद से खुलवाया गया। अब एनजीटी ने नोटिस भेज दिया। यदि नाला बंद हुआ तो स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी होगी। सहारा वेलफेयर सोसायटी अब समस्या का समाधान करने की कोशिश में लगी है।
- दिनेश राय, अध्यक्ष सहारा वेलफेयर सोसायटी
सहारा शहर का सीवरेज कचरा और गंदा पानी सीधे रामगढ़ताल में गिराने से नाराज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सहारा प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने या फिर रामगढ़ताल में गिरने वाले नाले को बंद करने की हिदायत दी है। मामले की अगली सुनवाई 28 जून को होगी।
सहारा शहर गोरखपुर-देवरिया बाईपास पर स्थित है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सहारा प्रबंधन की थी लेकिन सेबी से विवाद के बाद व्यवस्था चरमरा गई। सहारा शहर में बिजली, पानी की आपूर्ति की समस्या खड़ी हो गई। इसके बाद ही सहारा वेलफेयर सोसायटी का गठन किया गया। व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाने की कसरत शुरू हुई लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले 45 लाख रुपये के बिजली बिल बकाये में पानी सप्लाई का कनेक्शन कटा, फिर सहारा क्लब सील कर दिया गया। सोसायटी ने अफसरों से बात की और स्थानीय निवासियों की समस्याएं बताईं, तब जाकर बिजली का कनेक्शन जुड़ सका। क्लब का सील खोला गया। अब एनजीटी के नोटिस ने स्थानीय निवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। यह नोटिस सहारा प्रबंधन को भेजी गई है। इसकी एक कॉपी सहारा वेलफेयर सोसायटी को भी भेजी गई है। इस कारण स्थानीय निवासी सहमे हैं। उनका कहना है कि मकान, दुकान खरीदने पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। सीवरेज का मुख्य नाला बंद हुआ तो सहारा शहर में रहना मुश्किल हो जाएगा। नाले का पानी घरों में आएगा।
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ट्रीटमेंट प्लांट बंद
सहारा शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा था लेकिन प्रबंधन की स्थिति डांवाडोल होने के बाद यह बंद हो गया। अब सारा कचरा सीधे रामगढ़ताल में आ रहा है।
सहारा शहर नगर निगम में नहीं है। अब प्रबंधन को ही नाला टैप करना है। नीरा शुक्ला की तरफ से दाखिल मामले में नगर निगम, जीडीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित कई विभाग पार्टी हैं। अगली सुनवाई 28 जून को होनी है।
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- एसबी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
सहारा प्रबंधन की गलत नीतियों का खामियाजा सहारा शहर के लोग भुगत रहे हैं। पहले क्लब सील हुआ, जिसे नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल की मदद से खुलवाया गया। अब एनजीटी ने नोटिस भेज दिया। यदि नाला बंद हुआ तो स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी होगी। सहारा वेलफेयर सोसायटी अब समस्या का समाधान करने की कोशिश में लगी है।
- दिनेश राय, अध्यक्ष सहारा वेलफेयर सोसायटी