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छह के भरोसे 13 लाख लोगों की सेहत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 10 Oct 2016 07:23 PM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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कहने, सुनने में आश्चर्य जरूर लग रहा होगा मगर बात एकदम सच है। नगर निगम एरिया के 13 लाख लोगों की सेहत की निगरानी के लिए स्वास्थ्य महकमे के पास सिर्फ दो टीमें ही मौजूद हैं। तीन लोगों की एक टीम बनाई गई है। अब ऐसे में इतने बड़े शहर में टीमें कैसे काम करेंगी यह सवाल बड़ा है। हालांकि स्वास्थ्य अफसर यही दावा कर रहे हैं कि उनकी ओर से कोई भी कमी नहीं छोड़ी जा रही है। जहां भी सूचनाएं मिल रही टीम तत्काल पहुंचकर जांच पड़ताल कर रही है।
जिलेे में डेंगू मरीजों की संख्या पर गौर करें तो 107 मरीज तो सिर्फ सरकारी आंकड़े में पहुंच चुके हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों की जांच रिपोर्ट पर यकीन करें तो यह संख्या दो सौ पार कर जाती है। शहर के अलावा देहात में भी डेेंगू तेजी से पाव पसार रहा है मगर स्वास्थ्य महकमा अपनी तैयारी को लेकर अभी भी ढीला पड़ा हुआ है। स्वास्थ्य महकमे द्वारा बनाई गई टीम को डेंगू वाले इलाके में जाकर वहां की स्थिति और साफ -सफाई के साथ डेंगू की वजह का पता लगाना है, मच्छर के लार्वा का सैंपल लेकर उसकी भी जांच करने की जिम्मेदारी इन्हीं के पास है। सीएमओ बताते हैं कि डेंगू से लड़ने के लिए शहर में दो टीम है, वहीं नगर निगम में भी सफाई के लिए छह टीमें बनाई हैं। ग्रामीण एरिया के सीएचसी व पीएचसी में वहां के प्रभारी के नेतृत्व में भी टीमें बनीं हैं, जो इलाके में डेंगू मरीजों के इलाज के साथ वहां प्रधान के सहयोग से सफाई, फागिंग और दवा का छिड़काव की जिम्मेदारी भी है।
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दो टीमों के अलावा जहां भी सूचनाएं मिलती हैं, वहां पर नई टीम बनाकर भेज दी जाती है। फागिंग, सफाई हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर आयुक्त को भी सफाई के लिए दोबारा पत्र लिखा गया है। जहां भी मरीज की सूचनाएं मिल रही है तत्काल टीम को भेजा जा रहा है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ
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जिलेे में डेंगू मरीजों की संख्या पर गौर करें तो 107 मरीज तो सिर्फ सरकारी आंकड़े में पहुंच चुके हैं। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों की जांच रिपोर्ट पर यकीन करें तो यह संख्या दो सौ पार कर जाती है। शहर के अलावा देहात में भी डेेंगू तेजी से पाव पसार रहा है मगर स्वास्थ्य महकमा अपनी तैयारी को लेकर अभी भी ढीला पड़ा हुआ है। स्वास्थ्य महकमे द्वारा बनाई गई टीम को डेंगू वाले इलाके में जाकर वहां की स्थिति और साफ -सफाई के साथ डेंगू की वजह का पता लगाना है, मच्छर के लार्वा का सैंपल लेकर उसकी भी जांच करने की जिम्मेदारी इन्हीं के पास है। सीएमओ बताते हैं कि डेंगू से लड़ने के लिए शहर में दो टीम है, वहीं नगर निगम में भी सफाई के लिए छह टीमें बनाई हैं। ग्रामीण एरिया के सीएचसी व पीएचसी में वहां के प्रभारी के नेतृत्व में भी टीमें बनीं हैं, जो इलाके में डेंगू मरीजों के इलाज के साथ वहां प्रधान के सहयोग से सफाई, फागिंग और दवा का छिड़काव की जिम्मेदारी भी है।
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दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि
डेंगू के प्रकोप से दो और मरीज अस्पताल पहुंच गए। जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में बुखार के मरीजों का एलाइला टेस्ट हुआ, जांच रिपोर्ट में दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई। इस समय डेंगू वार्ड में करीब तीन मरीजों का इलाज चल रहा है। 107 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पताल में इलाज के दौरान छह की मौत हो चुकी है।
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यह इलाके सर्वाधिक प्रभावित
बड़हलगंज, खजनी, बांसगांव, डेरवा, झंगहा, गोला, सिविल लाइंस, रुस्तमपुरबड़हलगंज और डेरवा में डेंगू वार्ड बना
मरीजों की संख्या को देखते हुए सीएमओ ने बड़हलगंज और डेरवा में दस दस बेड का डेंगू वार्ड भी बनाया है। इसके अलावा हर स्वास्थ्य केंद्र को निर्देश दिया गया है कि वे बुखार के आने वाले मरीज को तत्काल भर्ती करें और ब्लड सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दें। बड़हलगंज में फागिंग, छिड़काव का काम कराया गया है, इसके अलावा आशा कार्यकर्ता प्रत्येक घर में ओआरएस घोल, पैरासिटामॉल टैबलेट भी बांट रही हैं।दो टीमों के अलावा जहां भी सूचनाएं मिलती हैं, वहां पर नई टीम बनाकर भेज दी जाती है। फागिंग, सफाई हर पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर आयुक्त को भी सफाई के लिए दोबारा पत्र लिखा गया है। जहां भी मरीज की सूचनाएं मिल रही है तत्काल टीम को भेजा जा रहा है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ