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चार दशक बाद भी नहीं बन सका अनुआर ढ़ाला

Thu, 18 Apr 2019 10:59 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2019 10:59 PM IST
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चार दशक बाद भी नहीं बन सका अनुआर ढ़ाला
चुनावी मुद्दा...
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क्रासिंग तो बनी नहीं, सांसद बन गए कई
चार दशक से लोगों को इंतजार है अनुआर ढाला पर रेलवे क्रासिंग का
पांच किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है लोगों को
जितेंद्रनाथ पांडेय
सलेमपुर (देवरिया)। भटनी-वाराणसी रेलखंड के अनुआपार में क्रॉसिंग बनाने की मांग करीब चार दशक बाद भी पूरी नहीं हो सकी, जबकि इस मुद्दे को गर्माकर कई जनप्रतिनिधि संसद पहुंच गए। दर्जनों गांवों के लोगों को सलेमपुर और भटनी तक आवागमन में सहूलियत के लिए क्रॉसिंग के निर्माण की जरूरत जताई जा रही है।
भटनी-वाराणसी रेल खंड पर सलेमपुर से चार किमी दूर अनुआपार गांव है। रेल लाइन के दोनों तरफ सड़क बनी है, लेकिन क्रॉसिंग न होने से लोगों को पिवकोल और भटनी जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पिवकोल के आसपास के हरिश्चंद्र कोड़रा, अनुआपार, पिवकोल, बड़प़ुरवा, कोड़रा ठाकुर, सेमरा घुसरी, कोड़रा श्रीराम, पड़री तिवारी आदि गांवों के लोगों को सलेमपुर आने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे न सिर्फ उनका समय जाया होता है बल्कि आर्थिक चपत भी लगती है। करीब पांच किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर राहगीर सलेमपुर से भटनी जाते हैं।
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क्रॉसिंग के निर्माण के लिए पिछले लोकसभा चुनाव में अनुआपार ढाला निर्माण संघर्ष समिति के संयोजक व्यास नाथ तिवारी के संयोजकत्व में अनशन तक हुआ। इसमें शैलेश पांडेय शंख बाबा, उपाध्यक्ष खुर्शीद आलम, कमलेश यादव, संजय कुशवाहा, पंकज गोड़, जग्गी सेठ, कालीचरन, रामअवतार ठाकुर, रमेशर गोड़, हजरत आदि शामिल हुए। उस समय देवरिया लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी कलराज मिश्र ने इस मांग को पूरा कराने का आश्वासन देकर अनशन तुड़वाया था। तब उन्होंने कहा था कि सांसद बनाने के बनने के बाद वह रेल क्रॉसिंग बनवाएंगे। उन्होंने रेलवे बोर्ड को अप्रैल 2013 को पत्र भी लिखा। बावजूद अनुआपार में रेल ढाला चालू नहीं हो सका। ऐसा ही वादा इसके पूर्व भी करने वाले कई लोग सांसद बन गए, लेकिन मांग आज तक अधूरी है।
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