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यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की घोषणा 31 को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:24 AM IST
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छात्रसंघ चुनाव की मांग करते गोरखपुर विवि के विद्यार्थी।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव को लेकर संशय के बादल छंट गए हैं। छात्रसंघ चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा 31 अगस्त को की जाएगी। 15 सितंबर के पहले चुनाव होगा। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के तहत ही चुनाव संपन्न होगा। खास बात यह है कि पूर्व में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री और पुस्तकालय मंत्री का चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी किसी पद पर दोबारा चुनाव लड़ने को अर्ह नहीं होंगे। जबकि कार्यकारिणी लड़ने वाले प्रत्याशी को दोबारा चुनाव लड़ने की छूट दी जाएगी। अगर किसी पर आपराधिक मुकदमे होंगे तो भी वे चुनाव लड़ सकेंगे लेकिन सजायाफ्ता किसी भी पद पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
कुलपति प्रो. वीके सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में छात्रसंघ चुनाव को लेकर निर्णय लिया गया। बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, प्रति कुलपति, कुलसचिव, दोनों विधि सलाहकार, चुनाव अधिकारी एवं चीफ प्रॉक्टर ने चुनाव के सभी पहलुओं पर विमर्श के बाद तय किया कि लिंगदोह कमेटी सिफारिशों के अनुसार चुनाव का कार्यक्रम 31 अगस्त को घोषित किया जाएगा। चुनाव अधिकारी प्रो. ओपी पांडेय ने बताया कि किसी आपराधिक मामले में सजा होने पर ही अभ्यर्थी चुनाव के लिए अयोग्य होंगे। मुकदमा अथवा ट्रायल के आधार पर उनकी उम्मीदवारी खारिज नहीं की जाएगी। इसके अलावा छात्रसंघ के चार मुख्य पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री व पुस्तकालय मंत्री पर यदि कोई एक बार चुनाव लड़ चुका है तो किसी पद पर दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएगा। जबकि कार्यकारिणी पद पर यदि कोई लड़ चुका है तो उसे चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाएगी।
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कुलपति प्रो. वीके सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में छात्रसंघ चुनाव को लेकर निर्णय लिया गया। बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, प्रति कुलपति, कुलसचिव, दोनों विधि सलाहकार, चुनाव अधिकारी एवं चीफ प्रॉक्टर ने चुनाव के सभी पहलुओं पर विमर्श के बाद तय किया कि लिंगदोह कमेटी सिफारिशों के अनुसार चुनाव का कार्यक्रम 31 अगस्त को घोषित किया जाएगा। चुनाव अधिकारी प्रो. ओपी पांडेय ने बताया कि किसी आपराधिक मामले में सजा होने पर ही अभ्यर्थी चुनाव के लिए अयोग्य होंगे। मुकदमा अथवा ट्रायल के आधार पर उनकी उम्मीदवारी खारिज नहीं की जाएगी। इसके अलावा छात्रसंघ के चार मुख्य पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री व पुस्तकालय मंत्री पर यदि कोई एक बार चुनाव लड़ चुका है तो किसी पद पर दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाएगा। जबकि कार्यकारिणी पद पर यदि कोई लड़ चुका है तो उसे चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाएगी।
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विवादित मुद्दों पर एडवाइजरी कमेटी लेगी निर्णय
यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के लिए पहली बार एडवाइजरी कमेटी गठित की गई है। कमेटी में सभी डीन, प्रॉक्टर, पूर्व चुनाव अधिकारी, रजिस्ट्रार व विधि सलाहकार सदस्य होंगे। चुनाव के दौरान यदि कोई विवादित बिंदु आता है तो एडवाइजरी कमेटी निर्णय लेकर चुनाव अधिकारी को राय देगी।
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