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बंद रहीं दुकानें, जुलूस न किाल सौंपा ज्ञापन
Updated Fri, 30 Jun 2017 10:55 PM IST
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सिद्धार्थनगर। जीएसटी को लेकर व्यापारियों के विरोध का जिले में खास असर नहीं रहा। नगर में आंशिक बंदी रही। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले व्यापारियों ने जुलूस निकाला। कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। केंद्र सरकार पर आधी-अधूरी तैयारियों से जीएसटी पर लागू करने का आरोप लगाते हुए खामियों को तत्काल दूर करने की मांग की।
व्यापारियों का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अनिल सिंह और नगर अध्यक्ष संजय कसौधन ने कहा कि जीएसटी में अभी भी तमाम खामियां बनी हुईं हैं। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। रिफंड, अपील, स्टाक रजिस्टर, ब्याज की कठिनाइयों का निराकरण नहीं किया गया है। 20 प्रतिशत से अधिक की दर भी स्वीकार योग्य नहीं है। जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान भी खत्म किया जाना चाहिए। कहा कि विश्व के किसी भी देश में 20 प्रतिशत से ज्यादा जीएसटी लागू नहीं है। 50 से अधिक देशों में जीएसटी की दर 10 से 15 प्रतिशत है, जबकि यहां 20 प्रतिशत वस्तुओं पर 28 प्रतिशत जीएसटी रखा गया है। मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल नहीं किया गया है। मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार में मंडी शुल्क लागू न होने से यूपी के व्यापारियों को दिक्कतें होंगी। लिहाजा, यूपी में मंडी शुल्क खत्म होना चाहिए। सभी तरह के खाद्य पदार्थों को कर मुक्त किया जाना चाहिए। कहा कि व्यापारी जीएसटी का स्वागत करते हैं लेकिन उनकी कठिनाइयों को भी दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने एक जुलाई से अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापार मंडल के माध्यम से कैंप लगाकर व्यापारियों को जीएसटी के प्रावधान की बात कही। विरोध प्रदर्शन में मनोज गुप्ता, संजीत कुमार, रवि शर्मा, प्रदीप कुमार, गंगाशरण, रमेश चंद्र गुप्ता, राकेश कुमार, बद्री प्रसाद, चक्रधर, सत्यदेव, अमित, मुकेश गुप्ता, मनोज कुमार, शिवम, ऋषि कुमार, प्रभुनाथ, सोनू, महेश गोयल, सचिन कुमार, अभिषेक, उमा, केशव प्रसाद, मनीष कुमार गुप्ता, बैजनाथ प्रसाद, हिमांशु गोयल, सुनील कुमार, नूर मोहम्मद, रमेश, संजू, शिवम कसौधन, अमित कुमार, दुर्गेश गुप्ता आदि शामिल रहे।
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व्यापारियों का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष अनिल सिंह और नगर अध्यक्ष संजय कसौधन ने कहा कि जीएसटी में अभी भी तमाम खामियां बनी हुईं हैं। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया है। रिफंड, अपील, स्टाक रजिस्टर, ब्याज की कठिनाइयों का निराकरण नहीं किया गया है। 20 प्रतिशत से अधिक की दर भी स्वीकार योग्य नहीं है। जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान भी खत्म किया जाना चाहिए। कहा कि विश्व के किसी भी देश में 20 प्रतिशत से ज्यादा जीएसटी लागू नहीं है। 50 से अधिक देशों में जीएसटी की दर 10 से 15 प्रतिशत है, जबकि यहां 20 प्रतिशत वस्तुओं पर 28 प्रतिशत जीएसटी रखा गया है। मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल नहीं किया गया है। मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार में मंडी शुल्क लागू न होने से यूपी के व्यापारियों को दिक्कतें होंगी। लिहाजा, यूपी में मंडी शुल्क खत्म होना चाहिए। सभी तरह के खाद्य पदार्थों को कर मुक्त किया जाना चाहिए। कहा कि व्यापारी जीएसटी का स्वागत करते हैं लेकिन उनकी कठिनाइयों को भी दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने एक जुलाई से अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापार मंडल के माध्यम से कैंप लगाकर व्यापारियों को जीएसटी के प्रावधान की बात कही। विरोध प्रदर्शन में मनोज गुप्ता, संजीत कुमार, रवि शर्मा, प्रदीप कुमार, गंगाशरण, रमेश चंद्र गुप्ता, राकेश कुमार, बद्री प्रसाद, चक्रधर, सत्यदेव, अमित, मुकेश गुप्ता, मनोज कुमार, शिवम, ऋषि कुमार, प्रभुनाथ, सोनू, महेश गोयल, सचिन कुमार, अभिषेक, उमा, केशव प्रसाद, मनीष कुमार गुप्ता, बैजनाथ प्रसाद, हिमांशु गोयल, सुनील कुमार, नूर मोहम्मद, रमेश, संजू, शिवम कसौधन, अमित कुमार, दुर्गेश गुप्ता आदि शामिल रहे।
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