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तीन दिन में शौचालयों का सत्यापन पूरा करने का अल्टीमेटम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:04 AM IST
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शौचालय
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गोरखपुर। रकम लेने के बाद भी शौचालय नहीं बनवाने वालों पर नगर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। नगर आयुक्त ने निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यापन करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन्होंने तीन दिनों की मोहलत दी है।
दरअसल कई लोगों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालय के अनुदान की पहली किस्त तो ले ली, लेकिन निर्माण नहीं कराया। अमर उजाला में खबर छपने के बाद नगर आयुक्त ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। पूरे शहर को चार जोन में बांटकर संयुक्त नगर आयुक्त सुमित कुमार, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, सहायक नगर आयुक्त संजय शुक्ला, नगर स्वास्थ्य अधिकारी अरुण चौधरी को सत्यापन की जिम्मेदारी दी है।
साथ ही एक्सईएन वीसी पटेल, यूसी उपाध्याय, देवेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव के अलावा प्रेममोहन श्रीवास्तव, मनोज कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार सिंह, एसवी तिवारी, गणेश प्रसाद, एसपी यादव, आलोक, ओपी शुक्ला को भी इसके लिए जिम्मेदारी दी गई है। नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने कहा कि दो अक्टूबर तक शहर को खुले में शौच से मुुक्त (ओडीएफ) किया जाना है, लेकिन काफी संख्या में लोगों ने निर्माण संबंधी फोटो अपलोड नहीं किया है। निगम के सभी अधिकारियों को तीन दिनों में इसको पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिन लोगों ने पहली किस्त लेने के बाद भी निर्माण नहीं कराया है, उन्हें सत्यापन के बाद नोटिस जारी किया जाएगा।
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दरअसल कई लोगों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालय के अनुदान की पहली किस्त तो ले ली, लेकिन निर्माण नहीं कराया। अमर उजाला में खबर छपने के बाद नगर आयुक्त ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। पूरे शहर को चार जोन में बांटकर संयुक्त नगर आयुक्त सुमित कुमार, अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, सहायक नगर आयुक्त संजय शुक्ला, नगर स्वास्थ्य अधिकारी अरुण चौधरी को सत्यापन की जिम्मेदारी दी है।
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साथ ही एक्सईएन वीसी पटेल, यूसी उपाध्याय, देवेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव के अलावा प्रेममोहन श्रीवास्तव, मनोज कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार सिंह, एसवी तिवारी, गणेश प्रसाद, एसपी यादव, आलोक, ओपी शुक्ला को भी इसके लिए जिम्मेदारी दी गई है। नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने कहा कि दो अक्टूबर तक शहर को खुले में शौच से मुुक्त (ओडीएफ) किया जाना है, लेकिन काफी संख्या में लोगों ने निर्माण संबंधी फोटो अपलोड नहीं किया है। निगम के सभी अधिकारियों को तीन दिनों में इसको पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिन लोगों ने पहली किस्त लेने के बाद भी निर्माण नहीं कराया है, उन्हें सत्यापन के बाद नोटिस जारी किया जाएगा।
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