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‘ग्रहों को भी वश में कर सकता है अच्छा व्यवहार’
Tue, 08 Jan 2019 01:26 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Tue, 08 Jan 2019 01:26 AM IST
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विभिन्न देशों से पधारे ज्योतिषाचार्य
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। अच्छे आचरण का असर ग्रहों पर भी पड़ता है। सदाचार से ग्रहों को अनुकूल बनाया जा सकता है। तारामंडल स्थित मंगलम लॉन में अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष धर्म सम्मेलन के दूसरे दिन सोमवार को जर्मनी की एस्ट्रोलाजर लुंजा हैरिस ने ये बातें कहीं। धर्म जागरण मंच की ओर से आयोजित सम्मेलन में रूस की वोल्गा ने कहा कि ईरान, रूस, आर्मेनिया, कैस्पियन सागर के किनारे रहने वाली जनजातियों का काफी पहले से ज्योतिष का ज्ञान है।
त्रिपुरा से आये विष्णु राज आत्रे ने कहा कि ज्योतिष को भारत के कण्व ऋषि ने विदेशों में पहुंचाया। पंजाब के ज्योतिषि भावा ने कहा कि ग्रहों का संबंध मानवीय संबंधों से है। जो अपने परिवार को संभाल कर रखता है उसके समस्त दोष खत्म हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सभी जीवों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। जाने-माने ज्योतिषी अनिल वत्स ने कहा कि दान से व्यक्ति के अंदर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और संतोष मिलता है। मलयेशिया से आए सेल्वा कुमार कहा कि वास्तुशास्त्र दुनिया का बहुत पुराना विज्ञान है। बताया कि मकान मालिक के कमरे से लगा बाथरूम नहीं होना चाहिए। घर की सीढ़ियां विषम संख्या में होनी चाहिए। शयनकक्ष में पुरुष को दाहिने तो महिला को बाएं हाथ सोना चाहिए। सेल्वा कुमार ने कहा कि पालतू पशु रखने हों तो उन्हें बरामदे में घर के बाहर रखना चाहिए। मारीशस से आए डॉ. लुचुन ने कहा कि रत्नों पर नहीं, अपने कर्मों पर यकीन करना चाहिए। आयोजक डॉ. धनेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि ज्योतिष का उद्देश्य लोक कल्याणकारी होना चाहिए।
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त्रिपुरा से आये विष्णु राज आत्रे ने कहा कि ज्योतिष को भारत के कण्व ऋषि ने विदेशों में पहुंचाया। पंजाब के ज्योतिषि भावा ने कहा कि ग्रहों का संबंध मानवीय संबंधों से है। जो अपने परिवार को संभाल कर रखता है उसके समस्त दोष खत्म हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सभी जीवों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। जाने-माने ज्योतिषी अनिल वत्स ने कहा कि दान से व्यक्ति के अंदर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और संतोष मिलता है। मलयेशिया से आए सेल्वा कुमार कहा कि वास्तुशास्त्र दुनिया का बहुत पुराना विज्ञान है। बताया कि मकान मालिक के कमरे से लगा बाथरूम नहीं होना चाहिए। घर की सीढ़ियां विषम संख्या में होनी चाहिए। शयनकक्ष में पुरुष को दाहिने तो महिला को बाएं हाथ सोना चाहिए। सेल्वा कुमार ने कहा कि पालतू पशु रखने हों तो उन्हें बरामदे में घर के बाहर रखना चाहिए। मारीशस से आए डॉ. लुचुन ने कहा कि रत्नों पर नहीं, अपने कर्मों पर यकीन करना चाहिए। आयोजक डॉ. धनेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि ज्योतिष का उद्देश्य लोक कल्याणकारी होना चाहिए।
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मेडिकल पामेस्ट्री रोगों के निदान में मददगार
हाथों की रेखाओं से पता चल सकता है कि व्यक्ति को कौन सा रोग होने की आशंका है। यह रोगों का पता लगाने के साथ उसके निदान में भी बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। - डॉ. दीपक गुप्ता, आस्ट्रेलिया
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