{"_id":"595018724f1c1b64758b48d2","slug":"111498421362-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालखाने में कागज के टुकड़े हो गए एक करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालखाने में कागज के टुकड़े हो गए एक करोड़
Updated Mon, 26 Jun 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शिवम सिंह
गोरखपुर।
पांच सौ और एक हजार के नोट पर पाबंदी से कालाधन ही नहीं जिलों के मालखाने के एक करोड़ के नोट भी अवैध हो गए हैं। पुलिस अफसरों ने पहले तो इसके लिए शासन की गाइडलाइन का इंतजार किया फिर जब कोई आदेश नहीं आया तो मालखाने में पड़े नोटों का पूरा ब्योरा शासन को भेजा। अभी तक इसको लेकर कोई शासन की ओर से कोई आदेश नहीं आ सका है। केस प्रॉपर्टी के तौर पर जमा रकम का केस फाइनल होने के बाद यदि कोई कोर्ट चला गया तो पुलिस के लिए सिरदर्द बढ़ जाएगा।
जिले के थानों में तमाम मामलों में बरामद एक करोड़ से ज्यादा की रकम रखी हुई है। अभी ज्यादातर मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। अभी तमाम ऐसे मामले हैं जिनके निपटने में अभी समय लग सकता है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस इन रुपयों को सौंप तो जरूर देगी मगर लेने वाले के हिस्से में सिर्फ कागज के टुकड़े ही आएंगे। कानूनी जानकारों की मानें तो यदि ऐसी दशा में रकम वापसी के समय संबंधित पक्षकार रुपये की वैधानिकता का सवाल उठाकर पुलिस को कोर्ट में चुनौती दे सकता है। इस दशा में पुलिस की मुसीबत बढ़नी तय है।
विज्ञापन
इन जिलों के मालखाने में रखे नोट
गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और बहराइच।
मालखाने में रखे नोट अवैध होने की दशा में फैसला आने पर नोट की वैधानिकता के कारण नुकसान में पहुंचने वाला पक्ष कोर्ट जाकर अपने हक में फैसला हासिल कर सकता है। चूंकि, पुलिस ने जब रकम बरामद की थी तो उसकी वैधानिकता थी।
विज्ञापन
-शंकर शरण त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता
जोन भर के मालखानाें में पड़े सभी नोटों का ब्योरा तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन की ओर से अभी नोट बदलने या फिर कोई अन्य आदेश नहीं आया है।
-मोहित अग्रवाल, आईजी