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पदयात्रा से डायबिटीज के प्रति किया जागरूक
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Sun, 18 Nov 2018 12:53 AM IST
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विश्व डायबिटीज डे के उपलक्ष्य में गोरखपुर विश्वविद्यालय के पंत पार्क में जागरूकता गोष्ठी एवं पदयात्रा का आयोजन हुआ।
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर। विश्व डायबिटीज डे के उपलक्ष्य में शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के पंत पार्क में जागरूकता गोष्ठी एवं पदयात्रा का आयोजन हुआ। अमर उजाला फाउंडेशन, नेशनल हेल्थ मिशन, प्रदेश सरकार, वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, महावीर शिक्षण संस्थान, एनसीसी और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम छात्र-छात्राओं से लेकर शहरवासियों तक को मधुमेह के प्रति जागरूक कर गया। गोष्ठी के बाद सीएमओ ने हस्ताक्षर अभियान का उद्घाटन किया और झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को रवाना किया।
सुबह 10 बजे कार्यक्रम की शुरुआत गोष्ठी से हुई। मुख्य अतिथि सीएमओ श्रीकांत तिवारी ने लोगों को मधुमेह की भयावहता समझाई। बताया कि विश्व का हर पांचवां व्यक्ति मधुमेह का रोगी है। दिन-ब-दिन स्थिति भयावह होती जा रही है। इसलिए 14 नवंबर को पूरे विश्व में डायबिटीज वाक का आयोजन करके इसके प्रति लोेगों को जागरूक किया जाता है। इस बीमारी का कोई निदान नहीं है, लेकिन परहेज, व्यायाम और दवाओं के जरिए इस पर काबू पाकर लंबा और स्वस्थ जीवन जीया जा सकता है।
एसीएमओ डॉ. आईवी विश्वकर्मा ने कहा कि मधुमेह दो प्रकार का होता है। टाइप वन मधुमेह जन्मजात होता है। टाइप टू मधुमेह बिगड़ी जीवनशैली के कारण होता है। विशिष्ट अतिथि कर्नल अजय राणा, एनसीसी कमांडेंट सुबोध कुमार, एनएसएस क्वार्डिनेटर डॉ. केशव सिंह, महावीर शिक्षण संस्थान के रीजनल क्वार्डिनेटर समरजीत सिंह बागरी ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। इस मौके पर यूनिसेफ के नवनीत श्रीवास्तव, एनसीसी के उमेश कुमार सिंह, अश्विनी कुमार, नरायन सिंह, रोमेश चंद्र, स्वर्ण सिंह, कमल राय, स्वास्थ्य विभाग के डॉ. ओपीजी राव, अजय सिंह, डॉ. शकील आजम, अल्का शुक्ला, मानसिक प्रकोष्ठ से डॉ. अमित शाही, रमेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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सुबह 10 बजे कार्यक्रम की शुरुआत गोष्ठी से हुई। मुख्य अतिथि सीएमओ श्रीकांत तिवारी ने लोगों को मधुमेह की भयावहता समझाई। बताया कि विश्व का हर पांचवां व्यक्ति मधुमेह का रोगी है। दिन-ब-दिन स्थिति भयावह होती जा रही है। इसलिए 14 नवंबर को पूरे विश्व में डायबिटीज वाक का आयोजन करके इसके प्रति लोेगों को जागरूक किया जाता है। इस बीमारी का कोई निदान नहीं है, लेकिन परहेज, व्यायाम और दवाओं के जरिए इस पर काबू पाकर लंबा और स्वस्थ जीवन जीया जा सकता है।
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एसीएमओ डॉ. आईवी विश्वकर्मा ने कहा कि मधुमेह दो प्रकार का होता है। टाइप वन मधुमेह जन्मजात होता है। टाइप टू मधुमेह बिगड़ी जीवनशैली के कारण होता है। विशिष्ट अतिथि कर्नल अजय राणा, एनसीसी कमांडेंट सुबोध कुमार, एनएसएस क्वार्डिनेटर डॉ. केशव सिंह, महावीर शिक्षण संस्थान के रीजनल क्वार्डिनेटर समरजीत सिंह बागरी ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। इस मौके पर यूनिसेफ के नवनीत श्रीवास्तव, एनसीसी के उमेश कुमार सिंह, अश्विनी कुमार, नरायन सिंह, रोमेश चंद्र, स्वर्ण सिंह, कमल राय, स्वास्थ्य विभाग के डॉ. ओपीजी राव, अजय सिंह, डॉ. शकील आजम, अल्का शुक्ला, मानसिक प्रकोष्ठ से डॉ. अमित शाही, रमेंद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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