{"_id":"582a1bb04f1c1b57368fe75e","slug":"100-rupees-are-missing-from-roadways-buses","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीच रास्ते गायब हो जा रहे सौ के नोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीच रास्ते गायब हो जा रहे सौ के नोट
अरुण चन्द, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
100 rupee
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कंडक्टरों को सवारियों से मिलने वाले सौ रुपये के नोट कैश काउंटर तक पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। बीच रास्ते में ही कोई न कोई अधिकारी दवाब बनाकर उनसे सौ के नोट लेकर पांच सौ और एक हजार के थमा दे रहे हैं। चूंकि मामला अधिकारियों से जुड़ा है, ऐसे में कंडक्टर भी चुप रहने में ही भलाई समझते हैं।
गोरखपुर और बस्ती मंडल में बसों के संचालन से रोडवेज को प्रतिदिन करीब 65 से 70 लाख रुपये कैश मिलते हैं। इनमें 500 व 1000 के अलावा 100 के नोट भी होते हैं। इन दिनों बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद सौ के नोटों को लेकर दबाव बढ़ गया है। बस यात्री कंडेक्टरों को 100-100 रुपये का नोट देने लगे हैं, लेकिन ये नोट रोडवेज के कैश काउंटर तक नहीं पहुंच रहे। एक कंडक्टर ने नाम न प्रकाशित करने के अनुरोध पर बताया कि बड़े अधिकारी बीच रास्ते में दबाव बनाकर सौ-सौ के नोट ले लेते हैं। बदले में पांच सौ और एक हजार के नोट थमा देते हैं।
इस बाबत जब क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय से पूछा गया तो उनका कहना था कि किसी कंडक्टर पर अगर कोई दबाव बनाकर सौ रुपये के नोट ले रहा है तो यह गलत है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर और बस्ती मंडल में बसों के संचालन से रोडवेज को प्रतिदिन करीब 65 से 70 लाख रुपये कैश मिलते हैं। इनमें 500 व 1000 के अलावा 100 के नोट भी होते हैं। इन दिनों बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद सौ के नोटों को लेकर दबाव बढ़ गया है। बस यात्री कंडेक्टरों को 100-100 रुपये का नोट देने लगे हैं, लेकिन ये नोट रोडवेज के कैश काउंटर तक नहीं पहुंच रहे। एक कंडक्टर ने नाम न प्रकाशित करने के अनुरोध पर बताया कि बड़े अधिकारी बीच रास्ते में दबाव बनाकर सौ-सौ के नोट ले लेते हैं। बदले में पांच सौ और एक हजार के नोट थमा देते हैं।
विज्ञापन
इस बाबत जब क्षेत्रीय प्रबंधक एसके राय से पूछा गया तो उनका कहना था कि किसी कंडक्टर पर अगर कोई दबाव बनाकर सौ रुपये के नोट ले रहा है तो यह गलत है। लिखित शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन