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दस और मरीजों की जान गई
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Tue, 23 Aug 2016 09:15 PM IST
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अस्पताल में भर्ती मरीज
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इंसेफेलाइटिस से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। 24 घंटे के भीतर इंसेफेलाइटिस से दस और लोगों की मौत हो गई। वहीं 23 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। मरने वालों में बच्चों के अलावा सहजनवां की एक बुजुर्ग महिला भी शामिल है। जनवरी के बाद एक दिन में दस लोगों की मौत ने स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को भी बेचैन कर दिया है।
अस्पताल प्रशासन हो या मेडिकल प्रशासन सभी बेहतर इलाज देने का दावा कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है और स्वास्थ्य केंद्रों पर तो इलाज ही नहीं हो रहा।
इलाज को लेकर शासन से प्रशासन तक की मुस्तैदी के बाद भी मौतों के आंकडे़े व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मंगलवार को गोरखपुर के सहजनवां के साबित अली (70), देवरिया के सत्येंद्र तिवारी (37), बिहार गोपालगंज नसरुल्लाह (12), कुशीनगर के अहिरौली के अनन्या (6) पुत्र व्यास, बेलीपार के धीरेंद्र (15) पुत्र मुल्लुर, शाहपुर के रौनक निषाद (14) पुत्र बाबूराम, खजनी की नैनसी (1) पुत्री सुनील, नौगढ़ की तरन्नूम (1) पुत्री रियाज अहमद, देवरिया सलेमपुर के भोला विश्वकर्मा (19 माह) पुत्र बमनौली पांडेय, बेलीपार के आर्यन (8) पुत्र अनीस की मौत हो गई।
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जनवरी से अब तक मेडिकल कॉलेज में 667 लोग भर्ती हो चुके हैं जिसमें से 175 मरीज की जान जा चुकी है। 102 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा गोरखपुर के 9, देवरिया के 6, संतकबीरनगर और बस्ती के एक-एक, कुशीनगर के दो, सिद्धार्थनगर के चार मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए हैं।
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अस्पताल प्रशासन हो या मेडिकल प्रशासन सभी बेहतर इलाज देने का दावा कर रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है और स्वास्थ्य केंद्रों पर तो इलाज ही नहीं हो रहा।
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इलाज को लेकर शासन से प्रशासन तक की मुस्तैदी के बाद भी मौतों के आंकडे़े व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। मंगलवार को गोरखपुर के सहजनवां के साबित अली (70), देवरिया के सत्येंद्र तिवारी (37), बिहार गोपालगंज नसरुल्लाह (12), कुशीनगर के अहिरौली के अनन्या (6) पुत्र व्यास, बेलीपार के धीरेंद्र (15) पुत्र मुल्लुर, शाहपुर के रौनक निषाद (14) पुत्र बाबूराम, खजनी की नैनसी (1) पुत्री सुनील, नौगढ़ की तरन्नूम (1) पुत्री रियाज अहमद, देवरिया सलेमपुर के भोला विश्वकर्मा (19 माह) पुत्र बमनौली पांडेय, बेलीपार के आर्यन (8) पुत्र अनीस की मौत हो गई।
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जनवरी से अब तक मेडिकल कॉलेज में 667 लोग भर्ती हो चुके हैं जिसमें से 175 मरीज की जान जा चुकी है। 102 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा गोरखपुर के 9, देवरिया के 6, संतकबीरनगर और बस्ती के एक-एक, कुशीनगर के दो, सिद्धार्थनगर के चार मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए हैं।