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आईएएस बनना चाहते हैं आदित्य
ब्यूरो अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:56 PM IST
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ग्यारहवीं के छात्र आदित्य गुप्ता की उम्मीदों को पंख लगे हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल होने से उनका हौसला बढ़ गया है। इस उपलब्धि से उनके परिवार के सदस्य भी बेहद खुश हैं। आदित्य जन सेवा के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं।
मुहम्मदाबाद क्षेत्र के परसा गांव के दिनेश कुमार गुप्ता की आमघाट कालोनी में लेडीज ब्यूटी एंड किड्सवियर की दूकान से होने वाली आय से वे चार सदस्यीय परिवार की परवरिश करते हैं।
वह मियांपुरा में दो हजार रुपये के किराये पर दो कमरे का मकान लेकर पत्नी गायत्री गुप्ता और दो पुत्रों के साथ रहते हैं। दूकान से हर महीने छह-सात हजार रुपये की कमाई होती है, जिसमें दूकान और मकान के किराये में दो हजार खर्च हो जाते हैं। उसके बाद मुश्किल से परिवार का गुजर होता है।
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दिनेश कभी दिल्ली में पीसीओए चलाते थे। मोबाइल फोन का धंधा बंद होेन के बाद गाजीपुर आ गए और दूकान खोल ली। बड़ा बेटा आनंद पीजी कालेज में बीकाम और छोटा आदित्य राजकीय सिटी इंटर कालेज में मैथ ग्रुप से 11वीं का छात्र है।
आदित्य पिता का हाथ बंटाने के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह पर एक बच्चे को ट्यूशन पढ़ाता है। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति मंे सफलता आदित्य का हौसला बढ़ा है। आदित्य का कहना है कि वे पिता मदद करते हुए उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते थे।
छात्रवृत्ति मिलने के बाद उनका यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। वह आईएएस बनना चाहते हैं। स्कूल के बाद उनका अधिकांश समय स्वाध्याय में बीतता है। महात्मा गांधी को आदर्श मानने वाले आदित्य की रुचि साहित्य में है और पसंदीदा लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं।
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मुहम्मदाबाद क्षेत्र के परसा गांव के दिनेश कुमार गुप्ता की आमघाट कालोनी में लेडीज ब्यूटी एंड किड्सवियर की दूकान से होने वाली आय से वे चार सदस्यीय परिवार की परवरिश करते हैं।
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वह मियांपुरा में दो हजार रुपये के किराये पर दो कमरे का मकान लेकर पत्नी गायत्री गुप्ता और दो पुत्रों के साथ रहते हैं। दूकान से हर महीने छह-सात हजार रुपये की कमाई होती है, जिसमें दूकान और मकान के किराये में दो हजार खर्च हो जाते हैं। उसके बाद मुश्किल से परिवार का गुजर होता है।
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दिनेश कभी दिल्ली में पीसीओए चलाते थे। मोबाइल फोन का धंधा बंद होेन के बाद गाजीपुर आ गए और दूकान खोल ली। बड़ा बेटा आनंद पीजी कालेज में बीकाम और छोटा आदित्य राजकीय सिटी इंटर कालेज में मैथ ग्रुप से 11वीं का छात्र है।
आदित्य पिता का हाथ बंटाने के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह पर एक बच्चे को ट्यूशन पढ़ाता है। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति मंे सफलता आदित्य का हौसला बढ़ा है। आदित्य का कहना है कि वे पिता मदद करते हुए उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते थे।
छात्रवृत्ति मिलने के बाद उनका यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। वह आईएएस बनना चाहते हैं। स्कूल के बाद उनका अधिकांश समय स्वाध्याय में बीतता है। महात्मा गांधी को आदर्श मानने वाले आदित्य की रुचि साहित्य में है और पसंदीदा लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं।