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Ghazipur News: तनाव, प्रतिस्पर्धा और असफलताओं से जूझ रहे आज के विद्यार्थी
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मनिहारी। क्षेत्र के पीजी कॉलेज मलिकपुरा में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और छात्र आत्महत्या रोकथाम रणनीति विषय पर संगोष्ठी का आयोजन बुधवार को किया गया। मुख्य वक्ता राजकीय महिला डिग्री कॉलेज गाजीपुर के सहायक आचार्य डॉ. शिव कुमार ने कहा कि आज के विद्यार्थी तनाव, प्रतिस्पर्धा और असफलताओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में उन्हें संवेदनशील वातावरण, परिवार का सहयोग और संस्थागत मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जागरूकता अभियान, काउंसिलिंग और शिक्षक–छात्र के बीच सतत संवाद अनिवार्य है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. दिवाकर सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर छात्रों में जागरूकता आज के समय की प्रमुख आवश्यकता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देना और आत्मविश्वास से भरना भी है। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पूजा साहू ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज़ करना छात्र जीवन के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने आत्मविश्वास, संवाद और सामाजिक सहयोग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि जीवन को संवारने का साहस है। सहायक आचार्य डॉ. शिवप्रताप यादव ने कहा कि जीवन अमूल्य है, कठिनाइयां क्षणिक होती हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे को समझकर, सहयोग देकर और सकारात्मक सोच अपनाकर आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों को रोकना चाहिए। सबके जीवन में कुछ न कुछ समस्याएं हैं, लेकिन उनसे संघर्ष कर हमें आगे निकलना है। इससे पहले छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। संचालन सहायक आचार्य निसार अहमद तथा आभार डॉ. अंजली यादव ने व्यक्त किया।
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संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. दिवाकर सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर छात्रों में जागरूकता आज के समय की प्रमुख आवश्यकता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देना और आत्मविश्वास से भरना भी है। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पूजा साहू ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज़ करना छात्र जीवन के लिए घातक हो सकता है। उन्होंने आत्मविश्वास, संवाद और सामाजिक सहयोग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहायता मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि जीवन को संवारने का साहस है। सहायक आचार्य डॉ. शिवप्रताप यादव ने कहा कि जीवन अमूल्य है, कठिनाइयां क्षणिक होती हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे को समझकर, सहयोग देकर और सकारात्मक सोच अपनाकर आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों को रोकना चाहिए। सबके जीवन में कुछ न कुछ समस्याएं हैं, लेकिन उनसे संघर्ष कर हमें आगे निकलना है। इससे पहले छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। संचालन सहायक आचार्य निसार अहमद तथा आभार डॉ. अंजली यादव ने व्यक्त किया।
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