फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Ramlila did not stop even during restrictions of Corona period in ghazipur this tradition is 450 years old

गाजीपुर: कोरोना काल की बंदिशों में भी नहीं रुका इस रामलीला का मंचन, 450 साल पुरानी है परपंरा

Tue, 03 Oct 2023 05:41 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 03 Oct 2023 05:41 PM IST
सार

वाराणसी के रामनगर की ही तर्ज पर गाजीपुर  में रामलीला का मंचन अनवरत होता आ रहा है। 450 वर्ष पहले से लगातार चली आ रही ये परंपरा लगातार पूरे शहर को एक सूत्र में बांध देती है। 

विज्ञापन
Ramlila did not stop even during restrictions of Corona period in ghazipur this tradition is 450 years old
रामलीला का मंचन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के रामनगर की ही तर्ज पर गाजीपुर यानी जिसे लहुरीकाशी के नाम से भी जानते हैं, में रामलीला का मंचन अनवरत होता आ रहा है। 450 वर्ष पहले से लगातार चली आ रही ये परंपरा लगातार पूरे शहर को एक सूत्र में बांध देती है। खास बात ये कि कोरोना के समय में भी ये अनवरत हुई। कई बंदिशें जरूर रहीं, थोड़ी रौनक भी कम रही लेकिन रामलीला हुई। इस बार की ऐतिहासिक रामलीला 10 अक्तूबर से शुरू होगी। राम राज्याभिषेक के साथ 28 अक्टूबर को समापन होगा।

विज्ञापन


अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा बताते हैं कि रामनगर में जब मेधा भगत के सहयोग से तुलसीदास ने रामलीला की तिथिवार मंचन करके दिखाया था, तब से गाजीपुर शहर में रामलीला के मंचन का दौर शुरू हुआ। पुराने दस्तावेजों के मुताबिक यह रामलीला 450 वर्ष पुरानी है।
विज्ञापन


इस बार की रामलीला का मंचन रायबरेली के कलाकारों द्वारा होगी। शुरुआत नारद मोह के मंचन से 10 अक्तूबर को होगी। 15 अक्तूबर को राम, सीता और लक्ष्मण रथ पर सवार होकर झुन्नूलाल चौराहे होते हुए पहाड़ खां पोखरे के दक्षिण तरफ जाएंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। अगली रात वहीं से राम केवट संवाद का मंचन होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

नाव से पार करेंगे पोखरा

16 अक्तूबर की रात साढ़े सात बजे रामलीला का अनोखा मंचन होगा। इस दौरान राम, लक्ष्मण और सीता नाव से सुरसुरी (पोखरा) को पार के उत्तरी तरफ जाएंगे। इसके बाद फिर रथ विराजमान होकर भारद्वाज मुनि के आश्रम सकलेनाबाद में रुकेंगे। अगली रात भरत मनावन के दृश्य का मंचन होगा। इस दौरान अयोध्या रूपी हरिशंकरी से रथ द्वारा भरत, राम को मनाने के लिए भारद्वाज मुनि के आश्रम पहुंचेंगे। जहां से खड़ाऊ लेकर वापस हरिशंकरी आएंगे। वहीं, अगली रात राम, लक्ष्मण और सीता रथ से अर्बन बैंक स्थित शंभुनाथ बाग के पास दो दिन का मंचन करेंगे। इसमें माता अनुसुईया संवाद, आत्रि ऋषि मिलन, विराज वध मंचन शामिल होगा। इसी तरह अगले दिन की लीला होगी, फिर उसी रात में मंचन करते हुए कलाकार लंका मैदान पहुंचेंगे। इसके बाद विजयादशमी तक यही मंचन होगा।

रिमोट से रावण दहन संग लाइव प्रसारण

24 अक्तूबर की रात साढ़े सात से आठ बजे लंका के मैदान राम रावण युद्ध का मंचन होगा। रावण वध होते ही अतिथियों द्वारा मंच से रिपोट से रावण के 60 फीट ऊंचे पुतले का दहन किया जाएगा, जिसका इस बार लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए मैदान और उसके बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। यहां रामलीला के दौरान आधे घंटे आतिशबाजी का लोगों को अद्भुत नजारा भी देखने को मिलेगा। रात में ही राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान रथ से सकलेनाबाद आएंगे और विश्राम करेंगे।

25 को होगा ऐतिहासिक भरत मिलाप

25 अक्तूबर की रात एक बजे ऐतिहासिक भरत मिलाप का मंचन होगा। अगले दिन में 11 बजे अयोध्या वापसी के दृश्य का चलित मंचन होगा। 27 को कलेक्टर घाट पर मा गंगा के पूजन का दृश्य दिखाया जाएगा। इस मौके पर दशाअवतार की झांकी भी मंचन होगा। 28 अक्तूबर को राम राज्याभिषेक का पूरे वैदिक रीति रिवाज से मंचन किया जाएगा, जो पूरी रात चलेगी और इसी के साथ इस वर्ष के रामलीला के मंचन का समापन होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed