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SGPGI Fire: धुएं से नवजात की मौत, रोते बिलखते बोली मां- अभी तो अपने लाल को भर पेट दूध भी नहीं पिला सकी थी

Tue, 19 Dec 2023 06:01 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 19 Dec 2023 06:01 PM IST
सार

नवजात के दादा रामसुजान यादव ने बताया कि पुत्र वधू नेहा को बीते 16 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने के बाद पास ही धर्मापुर स्थिति चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ, लेकिन उसको सांस लेने मे तकलीफ हो रही थी। उसे उपचार के लिए बलिया स्थित डाक्टर को दिखाया गया, लेकिन फायदा नहीं होने पर मऊ ले जाया गया।

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Newborn dies due to smoke arising from fire during operation in SGPGI, mother cries and is in bad condition
नवजात की मौत के बाद सद्दोपुर में रोती उसकी मां नेहा - फोटो : संवाद

विस्तार

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडोक्रान विभाग के आपरेशन थिएटर (ओटी) में लगी आग के चलते धुएं से करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के सद्दोपुर गांव निवासी बृजभूषण यादव के एक माह के पुत्र की सोमवार को मौत हो गई। नवजात के दिल में छिद्र होने की शिकायत पर उसका आपरेशन चल रहा था। परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में चीख- पुकार मच गई। मंगलवार को क्षेत्रीय लेखपाल ने रिपोर्ट तैयार करने के बाद मुख्यमंत्री सहायता राशि के लिए रिपोर्ट तहसील के उच्चाधिकारियों को सौंप दी। वहीं दरवाजे पर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई थी। बिलख रही मां की जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि अभी तो अपने लाल को भर पेट दूध भी नहीं पिला सकी थी। जिसे सुनकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा फटा जा रहा था।

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नवजात के दादा रामसुजान यादव ने बताया कि पुत्र वधू नेहा को बीते 16 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने के बाद पास ही धर्मापुर स्थिति चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां आपरेशन से बच्चा पैदा हुआ, लेकिन उसको सांस लेने मे तकलीफ हो रही थी। उसे उपचार के लिए बलिया स्थित डाक्टर को दिखाया गया, लेकिन फायदा नहीं होने पर मऊ ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने एसजीपीजीआई रेफर कर दिया। वहां ले जाने पर उसे इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि नवजात के दिल में छिद्र हैं। इसके बाद आपरेशन का डेट दे दिया गया। बीते 18 दिसंबर को सुबह दस बजे बच्चे को लेकर ओटी में चले गए, लेकिन थोडे ही देर में अस्पताल में आग लगने की सूचना पर सभी लोग भागने लगे। जब आग पर काबू पाया गया, तब हम लोगों बुलाया गया और बताया गया कि नवजात की हो गई है। इधर जानकारी होते ही परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में चीख- पुकार मच गई। मां नेहा यादव अपने लाडले नवजात बच्चे के लिए बिलखते हुए कह रही थी कि अभी तो हमने अपने लाल को भर पेट दूध भी नहीं पिला सकी थी, तब तक साथ छोड दिया। दादी आशा देवी के बिलखने की आवाज वहां मौजूद लोगों को झकझोरकर रख दे रहा था। नवजात के पिता बृजभूषण यादव के दूसरे संतान के रूप में लडका पैदा हुआ था। इसके पूर्व पांच वर्ष की पुत्री रिया यादव है। गांव के लोग परिजनों को ढांढस बधाने में जुटे रहे। क्षेत्रीय लेखपाल सराफत अली ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता राशि के लिए रिपोर्ट तैयार कर तहसील के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।

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