फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Moon sighted, fasting from today

चांद का हुआ दीदार, रोजा आज से

Sun, 03 Apr 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Moon sighted, fasting from today
बहरियाबाद। शनिवार को मुकद्दस माह रमजान का चांद होते ही मुस्लिम समुदाय के लोगों में खुशी छा गई। लोग देर शाम तक एक-दूसरे को रमजानुल मुबारक की मुबारकबाद देते रहे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रमजान से संबंधित खरीदारी की। विभिन्न मस्जिदों में ईशा की नमाज के दौरान विशेष नमाज तरावीह अदा की गई।
विज्ञापन

दामन में अल्लाह ताला की बेपनाह बरकातो-खैरात का एक जहां समेटे हुए रमजानुल मुबारक का पाकीजा महीना प्रारंभ हो गया है। माहे-रमजान अपनी रहमतों, मसर्रतों, अजमतों एवं बरकतों के लिहाज से एक मिसाली महीना माना जाता है। यह बा-बरकत महीना रोजा, तरावीह, तिलावते-कुर्आनपाक, तकवा परहेजगारी, हमदर्दी, गमगुसारी, मुहब्बत और उल्फत, खैर-ख्वाही, खिदमते-खल्क, मगफिरत, जहन्नुम से छुटकारा, सदक-ए-फित्र और एहसान का महीना है। यह एक ऐसा महीना है जिसमें जहन्नुम (नर्क) के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। अज्रो-सवाब बढ़ाकर देने, गुनाहों के माफ कराने और दुआओं के कुबूल होने एवं दरजात के बुलंद होने का महीना है। जंग-ए-बदर (बदर के युद्ध) से एक माह और कुछ दिन पूर्व रमजान के रोजों की फर्जियत का हुक्म नाजिल हुआ। तब से पूरी दुनिया के मुसलमान 29 या 30 दिन के रोजे रखते हैं। इसमें लोग सूर्य निकलने से पूर्व से लेकर सूर्य डूबने तक किसी भी तरह की चीज खाने-पीने से परहेज करते हैं। पंजवक्ता नमाज के साथ ही एक विशेष नमाज, जिसे तरावीह कहा जाता है ईशा की नमाज के साथ ही बा-जमात अदा की जाती है। तिलावते-कुर्आनपाक के साथ ही दावत-ए-इफ्तार का सिलसिला पूरे माह चलता रहता है। तीन अशरों में विभाजित महीने के आखिरी अशरा में यह सिलसिला और गति पकड़ लेता है। इन नमाज एवं दावत-ए-इफ्तार में काफी लोग एक साथ शामिल होते रहे हैं। कोविड-19 जैसी महामारी के कारण विगत दो वर्षों से रोजेदार घर की दहलीज के अंदर ही रोजा, नमाज, तिलावते-कुर्आनपाक एवं दूसरी अन्य इबादतें करते रहे। इस बार स्थिति सामान्य है। इस कारण लोगों में रमजान को लेकर और अधिक उत्साह है। अन्य दिनों की अपेक्षा मस्जिदों में नमाजियों की संख्या भी बढ़ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed