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राजकीय इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य विहीन
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Sun, 15 Jan 2017 10:54 PM IST
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जिले में संचालित राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों की स्थिति काफी दयनीय है। शिक्षकों का जहां अभाव हैं, वहीं एक दर्जन से अधिक कॉलेजों का संचालन प्रभारी प्रधानाचार्य कर रहे हैं। विभाग की तरफ से प्रधानाचार्यों की नियुक्ति न किए जाने से राजकीय विद्यालयों के संचालन में संकट महसूस किया जा रहा है। स्थिति यह है कि जिले में 12 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं है।
जिले में कुल 28 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इन कॉलेजों में 16 हाईस्कूल स्तर के हैं और शेष 12 कॉलेज इंटरमीडिएट के हैं। हाईस्कूल के 16 विद्यालयों में सिर्फ 11 में प्रधानाचार्य कार्यरत हैं। जबकि पांच विद्यालयों में प्रधानाचार्य की भूमिका वहां के सहायक अध्यापक निभा रहे हैं। इन विद्यालयों में राजकीय हाईस्कूल बिरनो, मधुवन, सदरजहांपुर, मौधा, कनुआन के विद्यालय शामिल हैं।
प्रधानाचार्यों के न होने से ऐसे विद्यालयों के संचालन में परेशानी हो रही है।जिले के सभी राजकीय हाईस्कूलों में अध्यापकों और कर्मचारियों की भी कमी है। इस कमी के चलते पठन-पाठन के साथ कार्यालय का कार्य और विद्यालय की सुरक्षा का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उधर जनपद में कुल 12 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं है।
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इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य का कार्य वहां के सहायक अध्यापक देख रहे हैं। इन विद्यालयों में राजकीय सिटी इंटर कॉलेज एकमात्र बालकों का विद्यालय हैं। जबकि शेष 11 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हैं। राजकीय सिटी इंटर कॉलेज में भी प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। यहां के प्रधानाचार्य का कार्य यहां तैनात उप प्रधानाचार्य निभा रहे हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य का पद वहां की वरिष्ठ अध्यापिका देख रही है।
इसके अलावा जीजीआईसी गहमर, जमानिया, दिलदारनगर, नारी पचदेवरा, सैदपुर, गंगौली, मुहम्मदाबाद, सादात, रामपुर, बुजुर्गा विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। इन विद्यालयों की स्थिति हाईस्कूल की तरह ही है। यहां पर भी जहां शिक्षकों की कमी है, वहीं कर्मचारियों का भी टोटा है। चौकीदारों के न होने के कारण इन विद्यालयों की सुरक्षा भी खतरे में है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से इन समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है
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जिले में कुल 28 राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इन कॉलेजों में 16 हाईस्कूल स्तर के हैं और शेष 12 कॉलेज इंटरमीडिएट के हैं। हाईस्कूल के 16 विद्यालयों में सिर्फ 11 में प्रधानाचार्य कार्यरत हैं। जबकि पांच विद्यालयों में प्रधानाचार्य की भूमिका वहां के सहायक अध्यापक निभा रहे हैं। इन विद्यालयों में राजकीय हाईस्कूल बिरनो, मधुवन, सदरजहांपुर, मौधा, कनुआन के विद्यालय शामिल हैं।
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प्रधानाचार्यों के न होने से ऐसे विद्यालयों के संचालन में परेशानी हो रही है।जिले के सभी राजकीय हाईस्कूलों में अध्यापकों और कर्मचारियों की भी कमी है। इस कमी के चलते पठन-पाठन के साथ कार्यालय का कार्य और विद्यालय की सुरक्षा का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उधर जनपद में कुल 12 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन सभी विद्यालयों में प्रधानाचार्य नहीं है।
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इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य का कार्य वहां के सहायक अध्यापक देख रहे हैं। इन विद्यालयों में राजकीय सिटी इंटर कॉलेज एकमात्र बालकों का विद्यालय हैं। जबकि शेष 11 राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हैं। राजकीय सिटी इंटर कॉलेज में भी प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। यहां के प्रधानाचार्य का कार्य यहां तैनात उप प्रधानाचार्य निभा रहे हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गाजीपुर के प्रधानाचार्य का पद वहां की वरिष्ठ अध्यापिका देख रही है।
इसके अलावा जीजीआईसी गहमर, जमानिया, दिलदारनगर, नारी पचदेवरा, सैदपुर, गंगौली, मुहम्मदाबाद, सादात, रामपुर, बुजुर्गा विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। इन विद्यालयों की स्थिति हाईस्कूल की तरह ही है। यहां पर भी जहां शिक्षकों की कमी है, वहीं कर्मचारियों का भी टोटा है। चौकीदारों के न होने के कारण इन विद्यालयों की सुरक्षा भी खतरे में है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से इन समस्याओं की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है