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मैं मर गया हूं...कृपया जीवित करा दें
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:05 AM IST
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जमानिया तहसील के लेखपाल यमराज से भी ज्यादा ताकतवर हैं। यमराज तो आयु पूरी होने पर किसी के प्राण ले जाते हैं लेकिन लेखपाल कागज पर मृत घोषित करके उसकी जर-जमीन छीन कर दर-दर भटकने के लिए छोड़ देते हैं। मंगलवार को तहसील दिवस पर जिलाधिकारी के सामने ऐसा ही एक मृत व्यक्ति हाजिर हुआ। उसने कहा कि लेखपाल ने उसे ऐसा मारा है कि कोई जिंदा मानने को तैयार नहीं है।
उसने खुद को जिंदा करने और अपनी जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई। उसकी बात सुनकर जिलाधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने इस मामले में चिह्नित लेखपाल बालमुनि प्रतिकूल टिप्पणी देने और मामले की जांच कराने का निर्देश दिया।
जमानिया में जिलाधिकारी संजय खत्री की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित किया गया था। उसी समय एक व्यक्ति हाजिर हुआ उसने कहा कि वह गहमर गांव के गोविंद राय पट्टी का रहने वाला है। उसका नाम सालिक है और उसके पिता का नाम सीताराम है। क्षेत्रीय लेखपाल ने उसे मृत घोषित कर दिया है। उसने कहा कि देखिए मैं जिंदा हूं और आपके सामने खड़ा हूं लेकिन तहसील के अफसर मानने को तैयार नहीं है। सालिक ने बताया कि लेखपाल ने उसे सिर्फ मृत घोषित करके गांव की उसकी जमीन भी किसी और के नाम फर्जी तरीके से वरासत कर दी।
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लेखपाल की इस करस्तानी के खिलाफ वे तहसील के अफसरों के यहां लगातार फरियाद करते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लेखपाल ने ऐसा मारा की लाख कोशिश के बावजूद वे खुद को जिंदा साबित नहीं कर पा रहे हैं। तहसील का चक्कर लगाते लगाते आजिज आ चुके हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने सालिक को न्याय का भरोसा दिलाया और एसडीएम को मामले की जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उसने खुद को जिंदा करने और अपनी जमीन वापस दिलाने की गुहार लगाई। उसकी बात सुनकर जिलाधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने इस मामले में चिह्नित लेखपाल बालमुनि प्रतिकूल टिप्पणी देने और मामले की जांच कराने का निर्देश दिया।
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जमानिया में जिलाधिकारी संजय खत्री की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित किया गया था। उसी समय एक व्यक्ति हाजिर हुआ उसने कहा कि वह गहमर गांव के गोविंद राय पट्टी का रहने वाला है। उसका नाम सालिक है और उसके पिता का नाम सीताराम है। क्षेत्रीय लेखपाल ने उसे मृत घोषित कर दिया है। उसने कहा कि देखिए मैं जिंदा हूं और आपके सामने खड़ा हूं लेकिन तहसील के अफसर मानने को तैयार नहीं है। सालिक ने बताया कि लेखपाल ने उसे सिर्फ मृत घोषित करके गांव की उसकी जमीन भी किसी और के नाम फर्जी तरीके से वरासत कर दी।
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लेखपाल की इस करस्तानी के खिलाफ वे तहसील के अफसरों के यहां लगातार फरियाद करते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लेखपाल ने ऐसा मारा की लाख कोशिश के बावजूद वे खुद को जिंदा साबित नहीं कर पा रहे हैं। तहसील का चक्कर लगाते लगाते आजिज आ चुके हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिलाधिकारी ने सालिक को न्याय का भरोसा दिलाया और एसडीएम को मामले की जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।