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Ghazipur News: स्कंदमाता की आराधना कर भक्तों ने मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
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कामाख्या धाम में दर्शन-पूजन के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद
शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को आदिशक्ति के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा आराधना की गई। श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ कर घरों पर पूजन के बाद श्रद्धालु मंदिरों एवं देवीस्थान पर पहुंचे और देवी की पूजा की। उन्होंने माता को फल के साथ ही ज्योति जलाकर घी, लौंग, कपूर, धूप, पुष्प आदि अर्पित किया। मां कामाख्या मंदिर में पांच हजार भक्तों ने माता रानी का दर्शन-पूजन कर मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना की।
श्रद्धालुओं ने घर पर श्री दुर्गा चालीसा और आरती का पाठ कर अज्ञारी पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने श्री दुर्गा सप्तशती के साथ ही कीलक, कवच और अर्गला स्तोत्र का पाठ भी किया। घरों पर पूजन के बाद श्रद्धालु आसपास के मंदिरों पर पहुंचे। शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, महुआबाग स्थित मंदिर, सकलेनाबाद दुर्गा मंदिर, आमघाट शीतला माता मंदिर, पीरनगर स्थित काली मंदिर, गोराबाजार दुर्गा मंदिर, मालगोदाम रोड और नवाबगंज स्थित शीतला मंदिर, कोट किला कोहना और तुलसी का पुल स्थित दुर्गा मंदिर तथा हमीद सेतु स्थित मां काली धाम में आस्थावान सुबह से ही देवी के दर्शन को लालायित रहे।
मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार और शंख-घंट के स्वर कानों में घुलते रहे। कामाख्या धाम में श्रद्धालुओं ने प्रसाद आदि चढ़ाकर मां से सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मंदिर परिसर में मौजूद भैरोंनाथ सहित अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा की गई। मंदिर के महंत आकाश राज तिवारी के अनुसार लगभग 6 हजार भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी, फूल-माला अर्पित कर आशीर्वाद मांगा।
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इन मंदिरों पर भी की पूजा
मुहम्मदाबाद स्थित महाकाली और तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी मंदिर में भी दर्शन-पूजन का क्रम शाम तक चलता रहा। इसके अलावा रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर स्टेशन स्थित सायर माता, देवकली स्थित चकेरी धाम, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी, सैदपुर स्थित मां काली, बहादुरगंज स्थित चंडी मां, भगीरथपुर स्थित मां दुर्गा, सादात, मरदह, भीमापार, कासिमाबाद, नंदगंज, बिरनो, जमानिया आदि क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में दिन भर शक्ति की आराधना की धूम रही।
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श्रद्धालुओं ने घर पर श्री दुर्गा चालीसा और आरती का पाठ कर अज्ञारी पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने श्री दुर्गा सप्तशती के साथ ही कीलक, कवच और अर्गला स्तोत्र का पाठ भी किया। घरों पर पूजन के बाद श्रद्धालु आसपास के मंदिरों पर पहुंचे। शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, महुआबाग स्थित मंदिर, सकलेनाबाद दुर्गा मंदिर, आमघाट शीतला माता मंदिर, पीरनगर स्थित काली मंदिर, गोराबाजार दुर्गा मंदिर, मालगोदाम रोड और नवाबगंज स्थित शीतला मंदिर, कोट किला कोहना और तुलसी का पुल स्थित दुर्गा मंदिर तथा हमीद सेतु स्थित मां काली धाम में आस्थावान सुबह से ही देवी के दर्शन को लालायित रहे।
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मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार और शंख-घंट के स्वर कानों में घुलते रहे। कामाख्या धाम में श्रद्धालुओं ने प्रसाद आदि चढ़ाकर मां से सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मंदिर परिसर में मौजूद भैरोंनाथ सहित अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा की गई। मंदिर के महंत आकाश राज तिवारी के अनुसार लगभग 6 हजार भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी, फूल-माला अर्पित कर आशीर्वाद मांगा।
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इन मंदिरों पर भी की पूजा
मुहम्मदाबाद स्थित महाकाली और तहसील परिसर स्थित मनोकामना देवी मंदिर में भी दर्शन-पूजन का क्रम शाम तक चलता रहा। इसके अलावा रेवतीपुर स्थित मां भगवती, दिलदारनगर स्टेशन स्थित सायर माता, देवकली स्थित चकेरी धाम, बहरियाबाद स्थित टड़वा भवानी, सैदपुर स्थित मां काली, बहादुरगंज स्थित चंडी मां, भगीरथपुर स्थित मां दुर्गा, सादात, मरदह, भीमापार, कासिमाबाद, नंदगंज, बिरनो, जमानिया आदि क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में दिन भर शक्ति की आराधना की धूम रही।