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अराजक तत्वों ने मंदिर में की तोड़फोड़

Tue, 18 Oct 2016 10:07 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर Updated Tue, 18 Oct 2016 10:07 PM IST
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Demolition of non-state actors in the temple
अराजक तत्वों द्वारा तोड़ी गई काली मंदिर की पिंडी।
नगर के यूसुफपुर बाजार स्थित महाकाली मंदिर में सोमवार की रात शरारती तत्वों ने तोड़फोड़ की। सात पिंडियों को तोड़ने के साथ ही पंखे को क्षतिग्रस्त कर दिया। मुख्य गेट के ऊपर लगी मां दुर्गा की प्रतिमा और मंदिर में लगा घंटा गायब मिला। घंटा मंदिर के पीछे खेत में फेंका हुआ मिला। मंगलवार की सुबह जानकारी होते ही मंदिर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी ने अराजक तत्वों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। मंदिर के पुजारी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मंदिर के पुजारी सत्यप्रकाश उर्फ मुकेश सोमवार की रात लगभग आठ बजे पूजन-आरती के  बाद मंदिर बंद कर घर चले गए। मंगलवार की भोर में चार बजे जब पुजारी मंदिर  के मुख्य गेट पर पहुंचे तो देखा कि गेट के ऊपर लगी मां दुर्गा की प्रतिमा गायब थी। अंदर गए तो देखा कि माता की सात पिंडियां टूटी हुईं थी, पंखा क्षतिग्रस्त था और घंटा गायब था। जानकारी होते ही कुछ ही देर में मंदिर पर सैकड़ों लोग पहुंच गए।
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एसडीएम चंद्रप्रकाश सरोज एवं सीओ आलोक लोगों को शांत कराने लगे, लेकिन नाराज लोग डीएम और एसपी को बुलाने की जिद पर अड़ रहे। डीएम संजय कुमार खत्री और एसपी रविशंकर छवि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद लोग शांत हुए।
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 भाजपा नेता एवं  पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय, विजयशंकर राय, प्रमोद राय आदि भाजपा नेताओं सहित विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी पहुंच गए और लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
एसपी रविशंकर छवि ने बताया कि जांच के दौरान जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके  खिलाफ सख्त कार्रवाई की  जायेगी। मंदिर के पास पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।

काली मंदिर के पुजारी  सत्यप्रकाश ने कहा कि इसके पहले इस तरह की हुई एक घटना के मामले में स्थानीय  थाने के कोतवाल एवं क्षेत्राधिकारी को मैंने  कई बार घटनाओं की लिखित सूचना देकर मंदिर की सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन  पुलिस द्वारा  मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

 
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