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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Constable and sub inspector suspended for fraud of 70,000 rupees for treatment in Ghazipur

UP: भांजे को दिखाया कैंसर पीड़ित नाबालिग भाई, इलाज के लिए 70 हजार का गबन; आरक्षी और उपनिरीक्षक निलंबित

Tue, 20 Aug 2024 05:43 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 20 Aug 2024 05:43 PM IST
सार

गाजीपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी ने अपने भांजे को नाबालिग भाई बताकर उसके इलाज के नाम पर 70 हजार रुपये का गबन किया। मामले में आरक्षी के साथ ही उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया। 

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Constable and sub inspector suspended for fraud of 70,000 rupees for treatment in Ghazipur
UP Police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजीपुर जिले के एसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी भरत लाल ने भांजे को नाबालिग भाई बताकर उसके इलाज के नाम पर 70 हजार रुपये का गबन किया। उसने उप निरीक्षक संत सरन सिंह के साथ मिलीभगत कर इस धांधली को अंजाम दिया। 

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मामले का खुलासा होने पर चालान से कोषागार में पूरे रुपये जमा करा लिए गए हैं। उच्चाधिकारियों ने दोनों को निलंबित कर दिया है। सीओ सदर ने दोनों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
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तहरीर के मुताबिक एसपी कार्यालय में तैनात आरक्षी भरत लाल ने उप निरीक्षक संत सरन सिंह (प्रधान लिपिक) के साथ मिलीभगत कर अपने भांजे आयुष यादव को पिता द्वारा गोद लिए गए पुत्र के रूप में प्रदर्शित किया। उसे अपना नाबालिग भाई दिखाते हुए उसके कैंसर के इलाज के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति सेवक चिकित्सा परिचर्या (प्रथम संशोधन नियमावली 2014) के अंतर्गत प्रस्तुत किया। 

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16 मई 2023 को सक्षम प्राधिकारी से क्लेम पास कराते हुए दो बार कुल 70,567 रुपये ले लिए। मामले की जानकारी होने पर उच्चाधिकारियों ने इसकी जांच कराई। दोनों व्यक्तियों से चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यय की पत्रावली तलब की गई तो उनके द्वारा मूल पत्रावली कार्यालय में मौजूद होना नहीं बताया गया।

जांच के दौरान जब गलत भुगतान का प्रकरण संज्ञान में आया तो आरक्षी भरत लाल द्वारा चालान के माध्यम से 23 अप्रैल 2024 को 70,567 राजकीय कोष में जमा कर दिया गया। क्षेत्राधिकारी सदर सुधाकर पाण्डेय ने आरक्षी भरत लाल और उपनिरीक्षक (प्रधान लिपिक) संत सरन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

क्या बोले अधिकारी
शासकीय धन 70 हजार 567 रुपये गबन करने के आरोप में आरक्षी भरत लाल और उप निरीक्षक (लिपिक) संत सरन सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोनों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। -सुधाकर पांडेय, क्षेत्राधिकारी सदर
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