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Ghazipur News: वाराणसी से पहुंची एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय विशेष टीम
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वीर अब्दुल हमीद सेतु के पास सुहवल थानाध्यक्ष कमलेश कुमार व अन्य लोगों से जानकारी लेती एनडीआरएफ
सुहवल। वीर हमीद सेतु हादसे में लापता खलासी बिट्ठल गुप्ता के शव के अवशेषों को निकालने के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। वाराणसी से बृहस्पतिवार को 11वीं बटालियन के एनडीआरएफ कमांडर (इंस्पेक्टर) वीरेंद्र कुमार की नेतृत्व में पहुंची करीब 30 सदस्यीय इस विशेष दल ने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मोर्चा संभालते हुए सघन अभियान शुरू किया। इस अभियान का नेतृत्व तहसीलदार रामनारायण वर्मा और सुहवल थानाध्यक्ष कमलेश कुमार की देखरेख में चल रहा है।
थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि बीते चार अप्रैल (शनिवार) की तड़के करीब तीन बजे वीर अब्दुल हमीद सेतु से ट्रेलर चालक व खलासी के साथ पिकअप में धक्का मारने के बाद गंगा में गिर गया था।
अगले दिन रविवार को चालक राजन यादव को शव को युवराजपुर गंगा तट से बरामद कर लिया गया था। पर, लापता खलासी बिट्ठल गुप्ता का एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने लगातार अभियान चलाकर उसकी तलाश जारी रखी।
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हादसे के पांचवें दिन एसडीआरएफ ने खलासी बिट्ठल गुप्ता का दाहिना पंजा बरामद कर लिया था। पर, पांच दिनों से गंगा में पड़े रहने के चलते शव गल गया था, जिससे उसे निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके लिए एनडीआरएफ टीम के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी।
जिसके बाद बृहस्पतिवार को वाराणसी से एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय विशेष टीम मौके पर पहुंचकर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पहुंची। इस टीम में शामिल प्रशिक्षित स्कूबा गोताखोर खलासी के अवशेषों में निकालने में जुट गये है। हालांकि, पूरे दिन तलाशी अभियान के बाद भी शव को बाहर निकला नहीं जा सका। शाम होने पर इस अभियान को अगले दिन के लिए रोक दिया गया है।
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थानाध्यक्ष कमलेश कुमार ने बताया कि बीते चार अप्रैल (शनिवार) की तड़के करीब तीन बजे वीर अब्दुल हमीद सेतु से ट्रेलर चालक व खलासी के साथ पिकअप में धक्का मारने के बाद गंगा में गिर गया था।
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अगले दिन रविवार को चालक राजन यादव को शव को युवराजपुर गंगा तट से बरामद कर लिया गया था। पर, लापता खलासी बिट्ठल गुप्ता का एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने लगातार अभियान चलाकर उसकी तलाश जारी रखी।
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हादसे के पांचवें दिन एसडीआरएफ ने खलासी बिट्ठल गुप्ता का दाहिना पंजा बरामद कर लिया था। पर, पांच दिनों से गंगा में पड़े रहने के चलते शव गल गया था, जिससे उसे निकालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसके लिए एनडीआरएफ टीम के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी।
जिसके बाद बृहस्पतिवार को वाराणसी से एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय विशेष टीम मौके पर पहुंचकर अत्याधुनिक उपकरणों के साथ पहुंची। इस टीम में शामिल प्रशिक्षित स्कूबा गोताखोर खलासी के अवशेषों में निकालने में जुट गये है। हालांकि, पूरे दिन तलाशी अभियान के बाद भी शव को बाहर निकला नहीं जा सका। शाम होने पर इस अभियान को अगले दिन के लिए रोक दिया गया है।