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अट्ठारह के बजाय मिल रही पांच से छह घंटा बिजली
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:31 PM IST
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गाजीपुर (जंगीपुर)। प्रदेश सरकार की ओर से जिला मुख्यालय को 24, तहसील मुख्यालयों को 20 और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश का असर जंगीपुर के सआदतपुर क्षेत्र में बेअसर दिख रहा है। 18 घंटे की कौन कहे, रात और दिन मिलाकर पांच से छह घंटे ही लोगों को बिजली मिल रही है। इसकी वजह से एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। वहीं खेती का काम प्रभावित हो रहा है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी सूख रही है। इससे किसान चिंतित हैं और बिजली विभाग को कोस रहे हैं। विभाग का कहना है कि लोड बढ़ने पर आपूर्ति बंद की जाती है।
प्रदेश सरकार ने जब ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान जारी किया तो लोग इस बात से खुश हो गए कि उनकी गर्मी आराम से बीत जाएगी। किसानों में भी खेती को लेकर प्रसन्नता थी लेकिन लोगों की इस सोच पर पानी फिरता नजर आ रहा है। 18 घंटे की कौन कहे, रात-दिन मिलाकर सिर्फ पांच से छह घंटा ही लोगों को बिजली मिल रही है। इसकी वजह से लोग भीषण गर्मी में बेहाल हैं। कटौती के संबंध में जब ग्रामीण विद्युत अधिकारियों से पूछते हैं तो वह यह कहकर लोगों को शांत कर देते हैं कि कंट्रोल से गड़बड़ी होने से आपूर्ति बाधित हो रही है। गांव के रामजन्म यादव, गुड्डू तिवारी, शिवमुनि कुशवाहा, लालजी तिवारी, नन्हे यादव, मंगल यादव, मुद्रिका राम, कन्हैया तिवारी, रामकरन यादव, दीनदयाल कुशवाहा आदि किसानों ने बताया कि बेतहाशा बिजली कटौती से खेतों की सिंचाई में बाधा आ रही है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी सूख रही है। प्रदेश सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान इस क्षेत्र में हवा-हवाई साबित हो रहा है। इस संबंध में जेई मारकंडेय यादव ने बताया कि ऊपर से ही रोस्टरिंग हो रही है। लोड बढ़ने पर आपूर्ति बंद की जाती है।
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प्रदेश सरकार ने जब ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान जारी किया तो लोग इस बात से खुश हो गए कि उनकी गर्मी आराम से बीत जाएगी। किसानों में भी खेती को लेकर प्रसन्नता थी लेकिन लोगों की इस सोच पर पानी फिरता नजर आ रहा है। 18 घंटे की कौन कहे, रात-दिन मिलाकर सिर्फ पांच से छह घंटा ही लोगों को बिजली मिल रही है। इसकी वजह से लोग भीषण गर्मी में बेहाल हैं। कटौती के संबंध में जब ग्रामीण विद्युत अधिकारियों से पूछते हैं तो वह यह कहकर लोगों को शांत कर देते हैं कि कंट्रोल से गड़बड़ी होने से आपूर्ति बाधित हो रही है। गांव के रामजन्म यादव, गुड्डू तिवारी, शिवमुनि कुशवाहा, लालजी तिवारी, नन्हे यादव, मंगल यादव, मुद्रिका राम, कन्हैया तिवारी, रामकरन यादव, दीनदयाल कुशवाहा आदि किसानों ने बताया कि बेतहाशा बिजली कटौती से खेतों की सिंचाई में बाधा आ रही है। पानी के अभाव में धान की नर्सरी सूख रही है। प्रदेश सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान इस क्षेत्र में हवा-हवाई साबित हो रहा है। इस संबंध में जेई मारकंडेय यादव ने बताया कि ऊपर से ही रोस्टरिंग हो रही है। लोड बढ़ने पर आपूर्ति बंद की जाती है।
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