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किसानों ने की नहर की सफाई
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मरदह। राजवाहा में पानी नहीं आने से नाराज कई गांवों के किसानों ने शुक्रवार को रानीपुर गांव के राजवाहे के पास घंटों नारेबाजी तथा प्रदर्शन किया। इसके बाद चंदा एकत्र कर दो किलोमीटर अकैथा-श्रवणडीह नहर की सफाई का काम किया। किसानों ने कहा कि यह कार्य शासन- प्रशासन को आइना दिखाने के लिए है। अब भी अगर पानी छोड़ दिया जाय तो किसानों का कुछ भला हो जाएगा।
राजापुर-राजवाहा से रानीपुर अकैथा गांव के सामने अकैथा-श्रवणडीह राजवाहा निकली है। इसके किनारे सैकड़ों किसानों को पानी मिलता था। पांच वर्षों से इसमें विभाग द्वारा पानी नहीं छोड़ा गया और न ही इसकी साफ-सफाई की गई। किसानों ने तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र के माध्यम से कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज ब्लाक के रानीपुर, श्रवणडीह, सुदया गांव के किसान आज रोनीपुर नहर के पास पहुंच गए। शासन तथा विभागीय अधिकारियों को खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद किसानों ने चंदा इकट्ठा करके खुद ही माइनर की सफाई शुरू कर दी। किसान रामाधार यादव ने कहा कि धान की फसल से लेकर गेहूं की सिंचाई किसानों के लिए समस्या है। इस पर न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ही ध्यान दिया न ही विभाग के अधिकारियों ने। इसके कारण किसानों ने चंदा लगाकर दो किलोमीटर लंबी माइनर को साफ करने का निर्णय लिया। इस मौके पर गिरधारी यादव, कैलाश, प्रभु, मुन्नन सिंह, रमाशंकर, रामा, शिव, नन्हे, तेजबहादुर, उमेश, पियूषकांत यादव, राम भवन, रामविलास, रामदरश, रामकेर, रामदयाल, पिंटू, रामा, सत्येंद्र, जग्गन, हरेंद्र, वकील, रामलाल, अमेरिका, रामअवध आदि उपस्थित थे।
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राजापुर-राजवाहा से रानीपुर अकैथा गांव के सामने अकैथा-श्रवणडीह राजवाहा निकली है। इसके किनारे सैकड़ों किसानों को पानी मिलता था। पांच वर्षों से इसमें विभाग द्वारा पानी नहीं छोड़ा गया और न ही इसकी साफ-सफाई की गई। किसानों ने तहसील दिवस पर प्रार्थना पत्र के माध्यम से कई बार गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे नाराज ब्लाक के रानीपुर, श्रवणडीह, सुदया गांव के किसान आज रोनीपुर नहर के पास पहुंच गए। शासन तथा विभागीय अधिकारियों को खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद किसानों ने चंदा इकट्ठा करके खुद ही माइनर की सफाई शुरू कर दी। किसान रामाधार यादव ने कहा कि धान की फसल से लेकर गेहूं की सिंचाई किसानों के लिए समस्या है। इस पर न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ही ध्यान दिया न ही विभाग के अधिकारियों ने। इसके कारण किसानों ने चंदा लगाकर दो किलोमीटर लंबी माइनर को साफ करने का निर्णय लिया। इस मौके पर गिरधारी यादव, कैलाश, प्रभु, मुन्नन सिंह, रमाशंकर, रामा, शिव, नन्हे, तेजबहादुर, उमेश, पियूषकांत यादव, राम भवन, रामविलास, रामदरश, रामकेर, रामदयाल, पिंटू, रामा, सत्येंद्र, जग्गन, हरेंद्र, वकील, रामलाल, अमेरिका, रामअवध आदि उपस्थित थे।
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