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किसानों के लिए घाटे का सौदा है आलू की खेती
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:09 PM IST
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गाजीपुर/दुबिहां। दो साल से आलू ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अधिक पैदावार होने के चलते और इसकी खपत बाहर न होने की वजह से आलू की कीमत अचानक घट गई है। इससे किसान टूट चुके हैं। उनकी कमाई बर्बाद हो गई है। कीमत न मिलने से आलू की खेती करने वाले किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
दो वर्ष से किसानों ने अपने खेतों में खाद-बीज डालने के साथ ही परिश्रम कर आलू की बुवाई किया था क िमुनाफा होगा, जिससे साहूकारों का कर्ज सहित बच्चों की पढ़ाई-लिखिाई का काम चलेगा। लेकिन अचानक कीमत घटने की वजह से किसानों की पूंजी बर्बाद हो गई है। एक नजर दौड़ाई जाए तो एक बीघे खेत की बुआई की लागत 12 से 13000 आ रही है, जिसमें पैदावार 75 से 80 बोरी की होती है। किसान अपना आलू खेत में ना बेचकर के स्टोर में रखा ताकि उसको अधिक मुनाफा मिल सके। लेकाॉन मुनाफा न मिलने से उनकी कमर ही टूट गई। अब आगे की बुआई कैसे करेंगे सारी पूजी तो बर्बाद हो गई।
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दो वर्ष से किसानों ने अपने खेतों में खाद-बीज डालने के साथ ही परिश्रम कर आलू की बुवाई किया था क िमुनाफा होगा, जिससे साहूकारों का कर्ज सहित बच्चों की पढ़ाई-लिखिाई का काम चलेगा। लेकिन अचानक कीमत घटने की वजह से किसानों की पूंजी बर्बाद हो गई है। एक नजर दौड़ाई जाए तो एक बीघे खेत की बुआई की लागत 12 से 13000 आ रही है, जिसमें पैदावार 75 से 80 बोरी की होती है। किसान अपना आलू खेत में ना बेचकर के स्टोर में रखा ताकि उसको अधिक मुनाफा मिल सके। लेकाॉन मुनाफा न मिलने से उनकी कमर ही टूट गई। अब आगे की बुआई कैसे करेंगे सारी पूजी तो बर्बाद हो गई।
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