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जिले की कई नहरें सूखीं, कई में नहीं पहुंचा टेल तक पानी
Updated Thu, 11 Oct 2018 12:17 AM IST
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गाजीपुर। जनपद की कई नहरें सूखी हैं। इनमें महीनों से पानी नहीं छोड़ा गया है। कुछ नहरों में पानी छोड़ा भी गया, तो वह टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए परेशान हैं। नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने के लिए कई बार किसानों ने प्रदर्शन तक किया और उच्चाधिकारियों तथा विभागीय मंत्री तक को पत्र भेजा, लेकिन उनकी गुहार अनसुनी कर दी जा रही है। आलम यह है कि नहर में पानी न छोड़ने तथा टेल तक पानी न पहुंचाने से हजारों एकड़ धान की फसल सूख रही है। कई नहरें तो ऐसी है, जिसमें 30 साल बीतने के बाद भी पानी नहीं छोड़ा गया है।
दुबिहां संवाददाता के मुताबिक इलाके से होकर गुजरने वाली दलपतपुर रजवा में एक साल पहले पानी छोड़ा गया था। लेकिन नहर की साफ-सफाई न होने की वजह से टेल तक पानी न पहुंचकर नहर ओवरफ्लो हो गई और सैकड़ों किसानों की फसल डूब गई। इसके बाद यह कहकर नहर को बंद कर दिया गया कि अब पूरी साफ-सफाई और मरम्मत के बाद नहर में पानी छोड़ा जाएगा। लेकिन एक साल बाद भी नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। उधर रामदासपुर रजवाहा नहर को बने करीब 30 साल गुजर चुके हैं। लेकिन आज तक इस रजवाहा में पानी नहीं आया।
दिलदारनगर संवाददाता के मुताबिक दिलदारनगर रजवाहा से निकली अरंगी खजूरी धनाड़ी माइनर में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र के अरंगी खजूरी धनाड़ी के किसानों की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। किसानों ने बताया कि इसकी शिकायत जनप्रतिनिधि से लेकर विभाग के अधिकारियों तक से की गई है लेकिन उदासीनता के चलते माइनर के तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि पानी के अभाव में खेत में दरारें आ गई हैं और किसान चिंतित हैं। किसानों की मांग की है कि अगर पूरी क्षमता से माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। किसानों में बाबूलाल सिंह, हरी चौधरी, अबुललैश खा, भोला पांडे ने बताया कि 24 घंटे के अंदर माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान एक बैठक कर सड़क पर उतरने का रूपरेखा बनाने की तैयारी करेंगे और जब तक माइनर में पूरी क्षमता से पानी नहीं भेजी जाती तब तक सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। सहायक अभियंता राम कैलाश ने बताया कि माइनर में पानी छोड़ने का टर्न सोमवार मंगलवार बुधवार है। टर्न आते ही माइनर की साफ सफाई करवाकर पूरी क्षमता से पानी छोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि टेल तक पानी पहुंच सके।
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चंदा लगाकर साफ-सफाई करने में जुटे किसान
दिलदारनगर। दिलदारनगर- देहवल- उसिया- गोड़सरा रजवाहा में साफ-सफाई के अभाव में टेल तक पानी नहीं पहुंचने से खफा क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने दो अक्टूबर को उप जिलाधिकारी सेवराई से तहसील दिवस के अवसर पर लिखित पत्र देकर पानी छोड़ने के लिए मांग की थी। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते किसानों में आक्रोश बढ़ता गया और गुरुवार को किसान खुद चंदा वसूल कर रजवाहा की सफाई करने उतर गए। किसानों का आरोप है कि नगर पंचायत के नालों का गंदा पानी राजवाहा में गिराया जा रहा है। जिस कारण राजवाहा अक्सर कीचड़ और प्लास्टिकों से भर जाता है। ऐसे में जाम होने के चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से कई बार नहर के सफाई की मांग की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन छोड़ समस्या का समाधान पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्र के देहवल, उसिया, गोड्सरा के सैकड़ों बीघा धान की फसल चौपट होने के कगार पर है।
प्रदेश सरकार किसानों के हितों का नहीं रखती ख्याल
गहमर। थाना क्षेत्र के खजूरी गांव में किसानों की एक बैठक गुरुवार हुई। जिसमें मुख्य अतिथि कांग्रेस पीसीसी सदस्य फरीद अहमद गाजी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन किसानों के हित का काम नहीं करती। जिसका जीता जागता उदाहरण क्षेत्र के नहरों में टेल तक पानी न पहुंचने के कारण किसानों की फसल सूखने के कगार पर है। कहा कि अगर अतिशीघ्र टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है, तो क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। किसानों के नेता युसूफ खान ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बार-बार मांग किया जा रहा है। नहरों में टेल तक पानी न पहुंचने से अरंगी, खजूरी, धनाड़ी, उसिया, देहवल, देवैथा, गोड्सरा आदि गांवों के किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अगर विभाग अतिशीघ्र पानी तेल तक भेजवाने की व्यवस्था नहीं करता है तो किसान सकड़ पर उतरेंगे। जिसके जिम्मेदार खुद विभाग के उच्चाधिकारी होंगे। बैठक में यूनुस खान, भोला पांडे, सफीक खान, धर्मदेव कुशवाहा, उमा राय, संतोष कुशवाहा, रवींद्र कुशवाहा, इफ्तिखार खान, शिव मूरत, राजू, नजरे आलम, तौफीक, अबुल हसन आदि लोग मौजूद रहे।
दुबिहां संवाददाता के मुताबिक इलाके से होकर गुजरने वाली दलपतपुर रजवा में एक साल पहले पानी छोड़ा गया था। लेकिन नहर की साफ-सफाई न होने की वजह से टेल तक पानी न पहुंचकर नहर ओवरफ्लो हो गई और सैकड़ों किसानों की फसल डूब गई। इसके बाद यह कहकर नहर को बंद कर दिया गया कि अब पूरी साफ-सफाई और मरम्मत के बाद नहर में पानी छोड़ा जाएगा। लेकिन एक साल बाद भी नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। उधर रामदासपुर रजवाहा नहर को बने करीब 30 साल गुजर चुके हैं। लेकिन आज तक इस रजवाहा में पानी नहीं आया।
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दिलदारनगर संवाददाता के मुताबिक दिलदारनगर रजवाहा से निकली अरंगी खजूरी धनाड़ी माइनर में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र के अरंगी खजूरी धनाड़ी के किसानों की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। खेतों में दरारें पड़ गई हैं। किसानों ने बताया कि इसकी शिकायत जनप्रतिनिधि से लेकर विभाग के अधिकारियों तक से की गई है लेकिन उदासीनता के चलते माइनर के तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि पानी के अभाव में खेत में दरारें आ गई हैं और किसान चिंतित हैं। किसानों की मांग की है कि अगर पूरी क्षमता से माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। किसानों में बाबूलाल सिंह, हरी चौधरी, अबुललैश खा, भोला पांडे ने बताया कि 24 घंटे के अंदर माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान एक बैठक कर सड़क पर उतरने का रूपरेखा बनाने की तैयारी करेंगे और जब तक माइनर में पूरी क्षमता से पानी नहीं भेजी जाती तब तक सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। सहायक अभियंता राम कैलाश ने बताया कि माइनर में पानी छोड़ने का टर्न सोमवार मंगलवार बुधवार है। टर्न आते ही माइनर की साफ सफाई करवाकर पूरी क्षमता से पानी छोड़ने का प्रयास किया जाएगा ताकि टेल तक पानी पहुंच सके।
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चंदा लगाकर साफ-सफाई करने में जुटे किसान
दिलदारनगर। दिलदारनगर- देहवल- उसिया- गोड़सरा रजवाहा में साफ-सफाई के अभाव में टेल तक पानी नहीं पहुंचने से खफा क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने दो अक्टूबर को उप जिलाधिकारी सेवराई से तहसील दिवस के अवसर पर लिखित पत्र देकर पानी छोड़ने के लिए मांग की थी। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते किसानों में आक्रोश बढ़ता गया और गुरुवार को किसान खुद चंदा वसूल कर रजवाहा की सफाई करने उतर गए। किसानों का आरोप है कि नगर पंचायत के नालों का गंदा पानी राजवाहा में गिराया जा रहा है। जिस कारण राजवाहा अक्सर कीचड़ और प्लास्टिकों से भर जाता है। ऐसे में जाम होने के चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से कई बार नहर के सफाई की मांग की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन छोड़ समस्या का समाधान पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्र के देहवल, उसिया, गोड्सरा के सैकड़ों बीघा धान की फसल चौपट होने के कगार पर है।
प्रदेश सरकार किसानों के हितों का नहीं रखती ख्याल
गहमर। थाना क्षेत्र के खजूरी गांव में किसानों की एक बैठक गुरुवार हुई। जिसमें मुख्य अतिथि कांग्रेस पीसीसी सदस्य फरीद अहमद गाजी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन किसानों के हित का काम नहीं करती। जिसका जीता जागता उदाहरण क्षेत्र के नहरों में टेल तक पानी न पहुंचने के कारण किसानों की फसल सूखने के कगार पर है। कहा कि अगर अतिशीघ्र टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है, तो क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। किसानों के नेता युसूफ खान ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बार-बार मांग किया जा रहा है। नहरों में टेल तक पानी न पहुंचने से अरंगी, खजूरी, धनाड़ी, उसिया, देहवल, देवैथा, गोड्सरा आदि गांवों के किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अगर विभाग अतिशीघ्र पानी तेल तक भेजवाने की व्यवस्था नहीं करता है तो किसान सकड़ पर उतरेंगे। जिसके जिम्मेदार खुद विभाग के उच्चाधिकारी होंगे। बैठक में यूनुस खान, भोला पांडे, सफीक खान, धर्मदेव कुशवाहा, उमा राय, संतोष कुशवाहा, रवींद्र कुशवाहा, इफ्तिखार खान, शिव मूरत, राजू, नजरे आलम, तौफीक, अबुल हसन आदि लोग मौजूद रहे।