{"_id":"5b3bba2e4f1c1ba5468b46f7","slug":"101530640942-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के समर्थन में लेखपाल संघ ने भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के समर्थन में लेखपाल संघ ने भरी हुंकार
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर। अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ आस्तीन चढ़ाए हुए है। अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर संघ की उपशाखा के सदस्यों ने स्थानीय लेखपाल मीटिंग हाल में धरना-प्रदर्शन कर हुंकार भरी। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि मांग पूरा होने तक वह चुप बैठने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड-पे 2000 से बढ़ा कर ग्रेड-पे 2800 कर एसीपी विसंगति दूर की जाए। विशेष वेतन भत्ता 15 सौ रुपये, यात्रा भत्ता के स्थान पर पेट्रोल-मोटरसाइकिल भत्ता दो हजार रुपये तथा स्टेशनरी भत्ता 750 रुपये प्रतिमाह दिया जाए। राजस्व निरीक्षक पदोन्नति में संग्रह अमीन एवं भूमि अध्याप्ति अमीन का कोटा समाप्त किया जाए। 25 प्रतिशत पद लेखपालों की विभागीय परीक्षा द्वारा भरा जाए। राजस्व निरीक्षक कार्यालय के 626 अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाए। नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया जाए। धरना सभा में जिला मंत्री रामलखन राम, तहसील उपाध्यक्ष विजय कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश कुमार, शशिकांत, रामजन्म चौहान, ओमकार लाल श्रीवास्तव, महामुनि चौरसिया, द्वारिकानाथ दुबे, राजकपूर, केशवलाल, बेनीमाधव सिंह आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता उदय प्रताप यादव तथा संचालन तहसील मंत्री रमेश राम ने किया। जमानिया संवाददाता के अनुसार स्थानीय तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर क्षेत्रीय लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला था। बावजूद इसके मांगों को पूरा नहीं किया गया। सभा में दयाशंकर, शंकर, प्रियंका यादव, सुरेंद्र कुमार, दयाशंकर, बृजकिशोर, राजनारायण सिंह, रामविलास राम, रमेश राम, रामराज राम, बेचू राम, मंतोष कुमार, सुनील यादव एवं शालिनी राय आदि लेखपाल मौजूद रहे। लेखपालों के धरना पर बैठ जाने से जाति, निवास, आय आदि प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है। इससे छात्र्र छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड-पे 2000 से बढ़ा कर ग्रेड-पे 2800 कर एसीपी विसंगति दूर की जाए। विशेष वेतन भत्ता 15 सौ रुपये, यात्रा भत्ता के स्थान पर पेट्रोल-मोटरसाइकिल भत्ता दो हजार रुपये तथा स्टेशनरी भत्ता 750 रुपये प्रतिमाह दिया जाए। राजस्व निरीक्षक पदोन्नति में संग्रह अमीन एवं भूमि अध्याप्ति अमीन का कोटा समाप्त किया जाए। 25 प्रतिशत पद लेखपालों की विभागीय परीक्षा द्वारा भरा जाए। राजस्व निरीक्षक कार्यालय के 626 अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाए। नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया जाए। धरना सभा में जिला मंत्री रामलखन राम, तहसील उपाध्यक्ष विजय कुमार, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश कुमार, शशिकांत, रामजन्म चौहान, ओमकार लाल श्रीवास्तव, महामुनि चौरसिया, द्वारिकानाथ दुबे, राजकपूर, केशवलाल, बेनीमाधव सिंह आदि ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता उदय प्रताप यादव तथा संचालन तहसील मंत्री रमेश राम ने किया। जमानिया संवाददाता के अनुसार स्थानीय तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर क्षेत्रीय लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला था। बावजूद इसके मांगों को पूरा नहीं किया गया। सभा में दयाशंकर, शंकर, प्रियंका यादव, सुरेंद्र कुमार, दयाशंकर, बृजकिशोर, राजनारायण सिंह, रामविलास राम, रमेश राम, रामराज राम, बेचू राम, मंतोष कुमार, सुनील यादव एवं शालिनी राय आदि लेखपाल मौजूद रहे। लेखपालों के धरना पर बैठ जाने से जाति, निवास, आय आदि प्रमाण पत्र जारी नहीं हो रहा है। इससे छात्र्र छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन