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पार्षदों में बनी सहमति, अब बैठक का इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 15 Mar 2016 12:57 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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भवन मालिकों को हाउस टैक्स में 20 फीसदी छूट देने के लिए पार्षदों में सहमति बन गई है। रविवार रात सभी पार्षद दलों के नेताओं व पार्षदों की बैठक मेयर आवास पर हुई। छूट की अवधि बढ़ाने पर पार्षदों में आम सहमति बन गई है। हालांकि इस सहमति को बिना बोर्ड बैठक के अमली जामा नहीं पहनाया जा सकता।
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अब मेयर और पार्षद बोर्ड बैठक का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, नगर निगम ने इस बार टैक्स में 20 फीसदी छूट मिलने की अवधि 30 नवंबर तक तय कर दी थी। पूर्व में यह छूट 31 मार्च तक दी जाती थी।
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रेजिडेंट्स ने विरोध किया तो मेयर अशु वर्मा ने अपने चुनावी वादों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और चुनाव जीतने पर 31 मार्च तक छूट दिलाने का दावा किया। अब मेयर अशु वर्मा के सामने इस वादे को पूरा करने के लिए बड़ी चुनौती है।
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बोर्ड बैठक न होने की वजह से पार्षदों ने प्रत्याशा में इस प्रस्ताव को पास करने का मन बनाया तो कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आ गई। लिहाजा पार्षदों और मेयर अशु वर्मा को इस छूट की अवधि बढ़ाने के लिए अभी चार दिन का इंतजार और करना पडे़गा।
मेयर ने टटोला पार्षदों का मन
हाउस टैक्स में 20 फीसदी की छूट देने से पहले पार्षदों का मन टटोला। मेयर और भाजपाई चाहते हैं कि इस मुद्दे पर पार्षद एक राय हो जाएं, ताकि बोर्ड में प्रस्ताव बहुमत से पास हो जाए। मेयर ने अपने आवास पर रविवार को पार्षदों को चाय पार्टी पर बुलाकर उनका मन टटोला। मामला चूंकि जनता से जुड़ा है, ऐसे में सभी पार्षदों ने छूट के प्रस्ताव पर सहमति जताई।
अधिकारी नहीं चाहते छूट देना
छूट के मामले पर मेयर और पार्षद तो एक राय हैं, लेकिन निगम अधिकारी नहीं चाहते की छूट की अवधि बढ़ाई जाए। 30 नवंबर को छूट की अवधि समाप्त होने पर भी आरडब्ल्यूए और रेजिडेंट्स ने इस अवधि को बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अफसरों ने इनकार कर दिया था। हालांकि अब मेयर के हस्तक्षेप के चलते निगम अधिकारी खुलकर तो विरोध नहीं कर रहे, लेकिन वे छूट की अवधि को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।
18 मार्च को बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। सभी पार्षदों की सहमति के बाद 20 फीसदी छूट की अवधि को 31 दिसंबर तक बढ़ाया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर