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‘बीमार’ हुआ स्वास्थ्य विभाग का टोल फ्री नंबर
Ghaziabad
Updated Mon, 20 Jan 2014 05:50 AM IST
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प्रदेश भर में 15 दिनों में एक भी शिकायत नहीं हुई दर्ज
टोल फ्री नंबर 18001805145 पर शिकायत नहीं हो रही दर्ज
गाजियाबाद। प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने वाली मुख्यमंत्री की खास योजनाएं धीरे-धीरे ठप्प हो रही हैं। 2012 में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए शुरू हुआ टोल फ्री नंबर 15 दिन से ठप्प पड़ा हुआ है। मरीजों की परेशानी पर लखनऊ से मानीटरिंग के लिए प्रदेश सरकारी ने टोल फ्री नंबर (18001805145) जारी किया गया था। प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीज को परेशानी या अवैध वसूली पर वह इसी नंबर पर शिकायत करते थे। यह शिकायत लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के शिकायत प्रकोष्ठ में पहुंचती थी। कंट्रोल रूम से संबंधित जिले के सीएमओ कार्यालय को सूचना दी जाती थी। सीएमओ इन पर संज्ञान लेते थे।
जिले से भी गई थी कई शिकायतें
अस्पतालों में मरीजों का समय पर इलाज न करना, सीएचसी-पीएचसी पर चिकित्सकों की गैर मौजूदगी और मरीजों को बाहर की दवा लिखने की कई शिकायतें जिले से पहुंची थीं। गर्भवती महिलाओं से पैसे लेने की शिकायत पर दो साल पहले चिकित्सा एवं राज्य स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल माझी ने गाजियाबाद महिला अस्पताल का दौरा किया था।
इसकी मानीटरिंग लखनऊ से होती है। किन कारणों से ठप है इसकी जानकारी नहीं है। -डा. अजेय अग्रवाल, सीएमओ
तकनीकी कारणों के चलते टोल फ्री नंबर अभी बंद है। शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही हैं। काम चल रहा है नंबर जल्द शुरू होगा। -डीके मिश्रा ,प्रभारी, शिकायत प्रकोष्ठ, लखनऊ
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टोल फ्री नंबर 18001805145 पर शिकायत नहीं हो रही दर्ज
गाजियाबाद। प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने वाली मुख्यमंत्री की खास योजनाएं धीरे-धीरे ठप्प हो रही हैं। 2012 में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए शुरू हुआ टोल फ्री नंबर 15 दिन से ठप्प पड़ा हुआ है। मरीजों की परेशानी पर लखनऊ से मानीटरिंग के लिए प्रदेश सरकारी ने टोल फ्री नंबर (18001805145) जारी किया गया था। प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीज को परेशानी या अवैध वसूली पर वह इसी नंबर पर शिकायत करते थे। यह शिकायत लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के शिकायत प्रकोष्ठ में पहुंचती थी। कंट्रोल रूम से संबंधित जिले के सीएमओ कार्यालय को सूचना दी जाती थी। सीएमओ इन पर संज्ञान लेते थे।
जिले से भी गई थी कई शिकायतें
अस्पतालों में मरीजों का समय पर इलाज न करना, सीएचसी-पीएचसी पर चिकित्सकों की गैर मौजूदगी और मरीजों को बाहर की दवा लिखने की कई शिकायतें जिले से पहुंची थीं। गर्भवती महिलाओं से पैसे लेने की शिकायत पर दो साल पहले चिकित्सा एवं राज्य स्वास्थ्य मंत्री शंखलाल माझी ने गाजियाबाद महिला अस्पताल का दौरा किया था।
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इसकी मानीटरिंग लखनऊ से होती है। किन कारणों से ठप है इसकी जानकारी नहीं है। -डा. अजेय अग्रवाल, सीएमओ
तकनीकी कारणों के चलते टोल फ्री नंबर अभी बंद है। शिकायतें दर्ज नहीं हो पा रही हैं। काम चल रहा है नंबर जल्द शुरू होगा। -डीके मिश्रा ,प्रभारी, शिकायत प्रकोष्ठ, लखनऊ
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