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अधूरी रिपोर्ट देने पर पीसीबी को फटकार
Ghaziabad
Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
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साहिबाबाद। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही लोगों के लिए परेशानी बनती जा रही है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर ऑरेंज और रेड कैटगरी की इंडस्ट्री पर रोक के बाद ग्रीन ट्रिब्युनल ने अब पीसीबी को फैक्ट्रियों की अधूरी रिपोर्ट सौंपने पर फटकार लगाई है। साथ ही ट्रिब्यूनल ने बोर्ड से दोबारा सभी फैक्ट्रियों की डिटेल आंकड़ों के साथ शपथ पत्र भी मांगे हैं।
बुधवार को आए निर्णय के अनुसार ट्रिब्यूनल के एक्सपर्ट मेंबर जीके पांडेय और जस्टिस एएस नायडू ने पीसीबी को फटकार लगाते हुए कहा कि कारखानों की जो जानकारी उनकी ओर से शपथ पत्र में दी गई है वह अधूरी है। साथ ही कहा गया है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल एक एक्सपर्ट बॉडी है ऐसे में सटीक आंकड़े पेश किए जाएं। पीसीबी को दो सप्ताह का समय दिया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि शपथ पत्रों की पूरी जांच के बाद ही इन्हें ट्रिब्यूनल में जमा कराया जाए। निर्देश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। 15 दिन में ही बोर्ड को 12000 फैक्ट्रियों की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। पिछले दिनों ग्रीन ट्रिब्युनल ने गाजियाबाद में बढ़ रहे प्रदूषण के ग्राफ को देखते हुए रेड और ऑरेंज कैटगरी की फैक्ट्रियों पर रोक लगा दी थी।
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बुधवार को आए निर्णय के अनुसार ट्रिब्यूनल के एक्सपर्ट मेंबर जीके पांडेय और जस्टिस एएस नायडू ने पीसीबी को फटकार लगाते हुए कहा कि कारखानों की जो जानकारी उनकी ओर से शपथ पत्र में दी गई है वह अधूरी है। साथ ही कहा गया है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल एक एक्सपर्ट बॉडी है ऐसे में सटीक आंकड़े पेश किए जाएं। पीसीबी को दो सप्ताह का समय दिया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि शपथ पत्रों की पूरी जांच के बाद ही इन्हें ट्रिब्यूनल में जमा कराया जाए। निर्देश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। 15 दिन में ही बोर्ड को 12000 फैक्ट्रियों की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। पिछले दिनों ग्रीन ट्रिब्युनल ने गाजियाबाद में बढ़ रहे प्रदूषण के ग्राफ को देखते हुए रेड और ऑरेंज कैटगरी की फैक्ट्रियों पर रोक लगा दी थी।
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