{"_id":"18185","slug":"Ghaziabad-18185-111","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘पुलिस ने भाजपाइयों पर भांजी थीं लाठियां’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘पुलिस ने भाजपाइयों पर भांजी थीं लाठियां’
Ghaziabad
Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
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गाजियाबाद। मतगणना की रात पुलिस ने भाजपाइयों पर लाठियां भी बरर्साईं थीं। जब मुट्ठी भर भाजपा नेता अंदर धरना दे रहे थे तो उनकी मदद में पहुंचे कार्यकर्ताओं को फोर्स ने बाहर से ही पीटकर भगा दिया था। इसमें कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आई थीं। मेयर तेलूराम कांबोज के बाद अब भाजपा महानगर अध्यक्ष सरदार एसपी सिंह ने भी खतरों भरी उस रात के बारे में चौंका देने खुलासे किए हैं। एसपी सिंह का कहना है, भाजपाइयों को खदेड़ने केबाद पुलिस ने सैकड़ों सपाइयों को गेट खोलकर अंदर एंट्री दे थी।
एसपी सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि मतगणना स्थल में घुसी सुधन समर्थक भीड़ ने भाजपा नेता विजय मोहन के साथ धक्का-मुक्की की। सपाई उपद्रव पर उतारू हो रहे थे और अफसरों के साथ पूरी पुलिस-फोर्स तमाशा देख रही थी। भाजपा संयोजक ने कहा कि हालात देखते हुए साफ कहा जा सकता है कि तेलूराम को हराने और विरोध पर भाजपा नेताओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। बकौल एसपी सिंह, रात दस बजे तक प्रशासन ने सिर्फ 30 वार्ड क ेवोटों की घोषणा की थी। वार्डों की हार-जीत का ऐलान तो अफसर सुबह से ही छिपाए बैठे थे। अचानक अंदर से सपा खेमे में सुधन के 4317 वोट से जीतने की खबर पहुंच गई। सपाई खुशी मनाने लगे। सुधन रावत को मालाएं पहनाने लगे। पता होते ही वे (एसपी सिंह) भागकर फर्स्ट फ्लोर पर मौजूद डीएम से मिले और सपाइयों के जश्न पर विरोध जताया। भाजपा संयोजक का कहना है कि अफसर उन्हें नीचे जाकर इंतजार तो कहते रहे मगर किसी ने भी सुधन की जीत का खंडन नहीं किया। डीएम जरूर उनसे कहतीं रहीं कि अभी कुछ भी फैसला नहीं हुआ है।
एसपी सिंह के मुताबिक जानकारी मिलते ही सांसद राजनाथ सिंह गाजियाबाद आने को तैयार हो गए। गाजियाबाद में हो रही गड़बड़ का लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई ने भी विरोध शुरू कर दिया। कमिश्नर और आईजी को मेरठ से यहां भेजा गया। दोनों अफसर मतगणना स्थल पर आकर निष्पक्षता से तेलूराम की विजय का ऐलान नहीं कराते तो राजनाथ सिंह और पंकज सिंह दोनों यहां आकर धरने पर बैठते। महानगर संयोजक ने बताया कि चुनाव की मतगणना में विवाद और हंगामे को लेकर भाजपा का महानगर संगठन हाईकमान को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा।
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निगम वालों के बर्ताव से खफा कांबोज परिवार
गाजियाबाद। नए महापौर तेलूराम कांबोज के परिवार को नगर निगम के अफसरों के रूखे व्यवहार से खासी शिकायत है। दामाद पंकज आनंद ने बताया कि बाबूजी के मेयर बनने का ऐलान शनिवार देर रात ही हो गया था मगर अब तक किसी निगम अधिकारी ने उनसे आकर मिलने की जहमत नहीं उठाई। मेल-मुलाकात तो दूर फोन पर बधाई तक नहीं दी। सिर्फ नगर आयुक्त का फोन आया, वह भी तीन दिन बाद जैसे औपचारिकता निभाने के लिए। जनता ने बाबूजी को सिर आंखों पर बिठाया। मगर अफसरों का व्यवहार हमें समझ नहीं आ रहा।
शपथ ग्रहण से पहले नहीं लूंगा सुविधाएं
मेयर तेलूराम कांबोज ने निगम वाहन को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। उन्होंने शपथ ग्रहण से पूर्व खुद को मेयर स्वीकार न करने की बात कहते हुए इसकी सुविधाएं न लेने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त जितेन्द्र सिंह ने नियमानुसार उनको मेयर का सरकारी वाहन उपलब्ध कराया, तेलूराम कांबोज ने निगम वाहन को लौटा दिया।
पंकज सिंह को लौटाया
मतगणना में गड़बड़ी की खबर मिलते ही प्रदेश महामंत्री एवं सांसद राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह दिल्ली से रात में ही मतगणना स्थल पहुंच गए थे। लेकिन तेलूराम को डर था कि यदि पंकज अंदर आए तो सपाई और उग्र हो सकते थे। इसलिए उन्हें गेट से लौटा दिया गया था।
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एसपी सिंह ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि मतगणना स्थल में घुसी सुधन समर्थक भीड़ ने भाजपा नेता विजय मोहन के साथ धक्का-मुक्की की। सपाई उपद्रव पर उतारू हो रहे थे और अफसरों के साथ पूरी पुलिस-फोर्स तमाशा देख रही थी। भाजपा संयोजक ने कहा कि हालात देखते हुए साफ कहा जा सकता है कि तेलूराम को हराने और विरोध पर भाजपा नेताओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची थी। बकौल एसपी सिंह, रात दस बजे तक प्रशासन ने सिर्फ 30 वार्ड क ेवोटों की घोषणा की थी। वार्डों की हार-जीत का ऐलान तो अफसर सुबह से ही छिपाए बैठे थे। अचानक अंदर से सपा खेमे में सुधन के 4317 वोट से जीतने की खबर पहुंच गई। सपाई खुशी मनाने लगे। सुधन रावत को मालाएं पहनाने लगे। पता होते ही वे (एसपी सिंह) भागकर फर्स्ट फ्लोर पर मौजूद डीएम से मिले और सपाइयों के जश्न पर विरोध जताया। भाजपा संयोजक का कहना है कि अफसर उन्हें नीचे जाकर इंतजार तो कहते रहे मगर किसी ने भी सुधन की जीत का खंडन नहीं किया। डीएम जरूर उनसे कहतीं रहीं कि अभी कुछ भी फैसला नहीं हुआ है।
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एसपी सिंह के मुताबिक जानकारी मिलते ही सांसद राजनाथ सिंह गाजियाबाद आने को तैयार हो गए। गाजियाबाद में हो रही गड़बड़ का लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई ने भी विरोध शुरू कर दिया। कमिश्नर और आईजी को मेरठ से यहां भेजा गया। दोनों अफसर मतगणना स्थल पर आकर निष्पक्षता से तेलूराम की विजय का ऐलान नहीं कराते तो राजनाथ सिंह और पंकज सिंह दोनों यहां आकर धरने पर बैठते। महानगर संयोजक ने बताया कि चुनाव की मतगणना में विवाद और हंगामे को लेकर भाजपा का महानगर संगठन हाईकमान को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा।
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निगम वालों के बर्ताव से खफा कांबोज परिवार
गाजियाबाद। नए महापौर तेलूराम कांबोज के परिवार को नगर निगम के अफसरों के रूखे व्यवहार से खासी शिकायत है। दामाद पंकज आनंद ने बताया कि बाबूजी के मेयर बनने का ऐलान शनिवार देर रात ही हो गया था मगर अब तक किसी निगम अधिकारी ने उनसे आकर मिलने की जहमत नहीं उठाई। मेल-मुलाकात तो दूर फोन पर बधाई तक नहीं दी। सिर्फ नगर आयुक्त का फोन आया, वह भी तीन दिन बाद जैसे औपचारिकता निभाने के लिए। जनता ने बाबूजी को सिर आंखों पर बिठाया। मगर अफसरों का व्यवहार हमें समझ नहीं आ रहा।
शपथ ग्रहण से पहले नहीं लूंगा सुविधाएं
मेयर तेलूराम कांबोज ने निगम वाहन को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। उन्होंने शपथ ग्रहण से पूर्व खुद को मेयर स्वीकार न करने की बात कहते हुए इसकी सुविधाएं न लेने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त जितेन्द्र सिंह ने नियमानुसार उनको मेयर का सरकारी वाहन उपलब्ध कराया, तेलूराम कांबोज ने निगम वाहन को लौटा दिया।
पंकज सिंह को लौटाया
मतगणना में गड़बड़ी की खबर मिलते ही प्रदेश महामंत्री एवं सांसद राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह दिल्ली से रात में ही मतगणना स्थल पहुंच गए थे। लेकिन तेलूराम को डर था कि यदि पंकज अंदर आए तो सपाई और उग्र हो सकते थे। इसलिए उन्हें गेट से लौटा दिया गया था।