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मन एकाग्र न होने से नहीं मिल पाती सफलता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2016 02:35 AM IST
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नाव मुक्ति एवं ध्यान शिविर में जानकारी देेते प्रशिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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बदलते आधुनिक परिवेश और विद्यार्थियों के जीवन में तनाव से उत्पन्न विभिन्न घातक समस्याओं आदि को लेकर अकबरपुर महाविद्यालय में आर्ट आफ लिविंग संस्था ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए तनाव मुक्ति एवं ध्यान योग शिविर का आयोजन किया गया।
इस दौरान प्राणायाम व ध्यान क्रियाओं आदि के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं व शिक्षकाें ने उत्साह के साथ भाग लिया।
बुधवार को अकबरपुर महाविद्यालय में तनाव मुक्ति एवं ध्यान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षक रश्मि शर्मा ने कहा कि हमारा मन एकाग्र न होने से किसी भी कार्य में पूरा योगदान नहीं दे पाते हैं। ध्यान व प्राणायाम से ही एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं। इससे पढ़ाई व अन्य कार्य भी कुशलता से कर सकते है। उन्हाेंने प्राण के स्तर को ऊंचा उठाने के साथ श्वांस क्रिया, प्राणायाम व ध्यान की जानकारी दी।
विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते हुए सत्य प्रकाश शर्मा ने गतिविधि के माध्यम से तनाव मुक्ति, ध्यान एवं प्राणायाम की कई अवस्थाओं का अभ्यास कराया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के अगले चरण में छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें सुदर्शन क्रिया के माध्यम से श्वांस लेने की उचित प्रक्रिया व प्राणायाम का अभ्यास कराया जाएगा।
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महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण चतुर्वेदी ने अतिथियों का सम्मान किया। इस मौके पर उमेश तिवारी, प्रदीप दीक्षित, उषा किरण अग्निहोत्री, देशदीपक पांडेय, सीता त्रिपाठी, विकास मिश्रा, अभिनव सिंह, रवींद्र चतुर्वेदी, सीमा दुबे, रश्मि पांडेय, रक्षा गुप्ता, प्रभा गुप्ता, देवदत्त शुक्ला, अर्निका यादव, मंजू गुप्ता, तृप्ती शर्मा, गौरव दुबे आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान प्राणायाम व ध्यान क्रियाओं आदि के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं व शिक्षकाें ने उत्साह के साथ भाग लिया।
बुधवार को अकबरपुर महाविद्यालय में तनाव मुक्ति एवं ध्यान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रशिक्षक रश्मि शर्मा ने कहा कि हमारा मन एकाग्र न होने से किसी भी कार्य में पूरा योगदान नहीं दे पाते हैं। ध्यान व प्राणायाम से ही एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं। इससे पढ़ाई व अन्य कार्य भी कुशलता से कर सकते है। उन्हाेंने प्राण के स्तर को ऊंचा उठाने के साथ श्वांस क्रिया, प्राणायाम व ध्यान की जानकारी दी।
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विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देते हुए सत्य प्रकाश शर्मा ने गतिविधि के माध्यम से तनाव मुक्ति, ध्यान एवं प्राणायाम की कई अवस्थाओं का अभ्यास कराया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के अगले चरण में छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें सुदर्शन क्रिया के माध्यम से श्वांस लेने की उचित प्रक्रिया व प्राणायाम का अभ्यास कराया जाएगा।
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महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण चतुर्वेदी ने अतिथियों का सम्मान किया। इस मौके पर उमेश तिवारी, प्रदीप दीक्षित, उषा किरण अग्निहोत्री, देशदीपक पांडेय, सीता त्रिपाठी, विकास मिश्रा, अभिनव सिंह, रवींद्र चतुर्वेदी, सीमा दुबे, रश्मि पांडेय, रक्षा गुप्ता, प्रभा गुप्ता, देवदत्त शुक्ला, अर्निका यादव, मंजू गुप्ता, तृप्ती शर्मा, गौरव दुबे आदि मौजूद रहे।