रसूखदारों को नोट देने पर जरूरतमंदों का बैंक पर हंगामा
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सोमवार को बारा गांव स्थित बैंक आफ बड़ौदा शाखा में बड़ी संख्या में लोग सुबह से कतारों में खड़े हो गए, लेकिन बैंक में कैश न होने पर वितरण नहीं हो सका। बैंक कर्मियों ने शाम को कैश आने पर बांटे जाने का आश्वासन दिया था। शाम को कैश आने के बाद बैंक कर्मियों के चहेतों व रसूखदारों को वरीयता दी गई। इस पर सुबह से लाइन में लगे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोग सभी को कतार के अनुसार रुपये देने की मांग कर रहे थे।
रुपये निकालने पहुंची विमला, सुभद्रा, महमूद आलम आदि ने बताया कि वह तीन-चार दिनों से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं। बैंक कर्मी कभी दोपहर तो कभी शाम को रुपये देने की बात कहते हैं, लेकिन जरूरतमंदों को रुपये नहीं दिए जाते।
हंगामे की सूचना पर अकबरपुर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कोतवाल अरविंद कुमार ने बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक से बात की गई है। उन्होंने मंगलवार को समयावधि में रुपये दिए जाने की बात कही है। ग्रामीणों को शांत कराया दिया है।
बताते चलें कि बीते आठ नवंबर को प्रधानमंत्री की ओर से 500 व 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद से बैंकों से लेकर एटीएम मशीनों में सुबह से लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लोग भोर से भूखे-प्यासे रहकर घंटों लाइन में लगकर नोट बदलने व जमा करने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं, लेकिन समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका है।
जितना कैश बैंक में आता है। उतना बंट गया है। बैंक में महिला कैशियर होने के चलते निर्धारित समय के बाद नहीं रोका जा सकता है। शाम 4:30 बजे तक कैश बांटा गया है।
- आशीष अग्रिहोत्री (शाखा प्रबंधक बैंक आफ बड़ौदा बारा शाखा)