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जंगली जानवर के हमले में तीन घायल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:25 AM IST
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जंगली जीव के हमले में घायल लोग।
- फोटो : amarujala
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बुधवार की देर रात मवई-भच्छन गांव में एक जंगली जानवर ने हमला बोलकर तीन लोगों को घायल कर दिया। गांववालों ने बताया कि एक पखवारे के भीतर इस तरह की यह तीसरी घटना है। दक्षिणी नोन नदी के किनारे बसे गांवों के लोग दहशत में हैं। गांव निवासी विजय पटेल ने बताया कि बुधवार की देर रात किसी जंगली जानवर ने घरों के बाहर सो रहे लोगों पर हमला बोला। जिसमें रामनारायन (70) और उसकी पत्नी रामश्री (65) के अलावा पड़ोसी रामप्यारी (60) पत्नी मइयादीन घायल हो गए।
शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े और हमलावर जानवर को खदेड़ा तो वह जंगल की ओर भाग गया। गांववालों ने बताया कि जंगली जीव सियार था। जबकि, कुछ लोगों का कहना था कि हमला करने वाला जीव लकड़बग्घे जैसा था।
गुरुवार की भोर तीनों घायलों को सीएचसी (घाटमपुर) लाया गया। जहां डाक्टरों ने इलाज कर उन्हें घर भेज दिया। डाक्टरों ने बताया कि घायलों के शरीर में मिले दांतों और पंजों के निशान से सियार जैसे जीव के हमला करने की आशंका है।
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मालूम हो कि एक पखवारे के भीतर इस इलाके में जंगली जानवर का यह तीसरा हमला है। इससे पहले एक मार्च को पाराचांद गांव में एक किसान को, जबकि 06 मार्च को कुरसेड़ा में 03 और मवई-भच्छन में एक ग्रामीण पर जंगली जानवर हमला कर चुके हैं। छह मार्च की घटना में गांव के लोगों ने हमला करने वाले सियार को घेरकर मार डाला था। जंगली जानवरों के ताबड़तोड़ हमले से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
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शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े और हमलावर जानवर को खदेड़ा तो वह जंगल की ओर भाग गया। गांववालों ने बताया कि जंगली जीव सियार था। जबकि, कुछ लोगों का कहना था कि हमला करने वाला जीव लकड़बग्घे जैसा था।
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गुरुवार की भोर तीनों घायलों को सीएचसी (घाटमपुर) लाया गया। जहां डाक्टरों ने इलाज कर उन्हें घर भेज दिया। डाक्टरों ने बताया कि घायलों के शरीर में मिले दांतों और पंजों के निशान से सियार जैसे जीव के हमला करने की आशंका है।
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मालूम हो कि एक पखवारे के भीतर इस इलाके में जंगली जानवर का यह तीसरा हमला है। इससे पहले एक मार्च को पाराचांद गांव में एक किसान को, जबकि 06 मार्च को कुरसेड़ा में 03 और मवई-भच्छन में एक ग्रामीण पर जंगली जानवर हमला कर चुके हैं। छह मार्च की घटना में गांव के लोगों ने हमला करने वाले सियार को घेरकर मार डाला था। जंगली जानवरों के ताबड़तोड़ हमले से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।