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जनता की शिकायतों में रुचि न लेेने वाले अधिकारियों पर गाज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2016 01:02 AM IST
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जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह ने जनता की शिकायतों व प्रार्थनापत्रों के निस्तारण में रुचि न लेने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी एके अग्रवाल, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक विवेक त्रिपाठी और जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं।
समीक्षा के दौरान पता चला है कि ये अधिकारी जन शिकायतों की अनदेखी कर रहे हैं। लापरवाही की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंची है। बीते दिनों समीक्षा के दौरान डीएम को पता चला कि जिला पूर्ति कार्यालय ने करीब 100, पूर्ति कार्यालय ने 30 के आसपास शिकायतों का निस्तारण नहीं किया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर पर जनवरी 2016 के बाद से किसी भी शिकायत के निस्तारण की जानकारी ही नहीं दी गई है। वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि समस्या निस्तारण के लिए अधिकारी खुद प्रयास करें। जो मातहत अधिकारी या कर्मचारी उदासीनता बरत रहे हैं उन्हें दंडित करें। जनता की समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए। कलक्ट्रेट के बाबू को आदेश की प्रति भेजकर तत्काल उसका पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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समीक्षा के दौरान पता चला है कि ये अधिकारी जन शिकायतों की अनदेखी कर रहे हैं। लापरवाही की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंची है। बीते दिनों समीक्षा के दौरान डीएम को पता चला कि जिला पूर्ति कार्यालय ने करीब 100, पूर्ति कार्यालय ने 30 के आसपास शिकायतों का निस्तारण नहीं किया है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर पर जनवरी 2016 के बाद से किसी भी शिकायत के निस्तारण की जानकारी ही नहीं दी गई है। वेतन रोकने की कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि समस्या निस्तारण के लिए अधिकारी खुद प्रयास करें। जो मातहत अधिकारी या कर्मचारी उदासीनता बरत रहे हैं उन्हें दंडित करें। जनता की समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए। कलक्ट्रेट के बाबू को आदेश की प्रति भेजकर तत्काल उसका पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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