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राधा-कृष्ण मंदिर से राधा की मूर्ति चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2016 01:19 AM IST
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घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के स्योंढ़ारी गांव में बने प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर से चोरों ने अष्टधातु से निर्मित राधा जी की मूर्ति चोरी कर ली।
हड़बड़ाहट में अन्य मूर्तियां नहीं ले जा पाए। सुबह घटना की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में गांववाले मौके पर पहुंच गए।
स्योंढ़ारी गांव में एक सदी पहले वर्ष 1915 में राधा-कृष्ण मंदिर का निर्माण किया गया था। मंदिर के सर्वराकार डा. उपेंद्र सचान ने बताया कि मंदिर का निर्माण उनके पूर्वजों ने करवाया था।
इसमें राधा-कृष्ण के साथ ही राम, लक्ष्मण और जानकी की भी मूर्तियां स्थापित हैें। मंदिर गांव की बस्ती के बीचोंबीच स्थित है।
बुधवार की रात चोरों ने मंदिर में धावा बोला। मुख्य गेट की कुंडी में लगा ताला तोड़ने के बाद भीतर घुसे और अंदर सिंहासन में रखी राधा जी की करीब 15 किलोग्राम वजनी अष्टधातु से बनी मूर्ति को उठा ले गए।
सुबह मंदिर के दरवाजे खुले और चबूतरे पर मूर्ति का स्टैंड पड़ा देख लोगों को घटना की जानकारी हुई।
मंदिर के संरक्षक/सर्वराकार ने बताया कि चोरों का इरादा अन्य मूर्तियों को भी ले जाने का रहा होगा।
हड़बड़ाहट में अन्य मूर्ति नहीं ले जा पाए। बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूर्ति की कीमत लाखों रुपये है। इधर, सूचना पर कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। जांच के बाद लौट आई।
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दारोगा अनूप कुमार मौर्या ने बताया कि डा. उपेंद्र सचान की तहरीर पर चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।
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हड़बड़ाहट में अन्य मूर्तियां नहीं ले जा पाए। सुबह घटना की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में गांववाले मौके पर पहुंच गए।
स्योंढ़ारी गांव में एक सदी पहले वर्ष 1915 में राधा-कृष्ण मंदिर का निर्माण किया गया था। मंदिर के सर्वराकार डा. उपेंद्र सचान ने बताया कि मंदिर का निर्माण उनके पूर्वजों ने करवाया था।
इसमें राधा-कृष्ण के साथ ही राम, लक्ष्मण और जानकी की भी मूर्तियां स्थापित हैें। मंदिर गांव की बस्ती के बीचोंबीच स्थित है।
बुधवार की रात चोरों ने मंदिर में धावा बोला। मुख्य गेट की कुंडी में लगा ताला तोड़ने के बाद भीतर घुसे और अंदर सिंहासन में रखी राधा जी की करीब 15 किलोग्राम वजनी अष्टधातु से बनी मूर्ति को उठा ले गए।
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सुबह मंदिर के दरवाजे खुले और चबूतरे पर मूर्ति का स्टैंड पड़ा देख लोगों को घटना की जानकारी हुई।
मंदिर के संरक्षक/सर्वराकार ने बताया कि चोरों का इरादा अन्य मूर्तियों को भी ले जाने का रहा होगा।
हड़बड़ाहट में अन्य मूर्ति नहीं ले जा पाए। बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूर्ति की कीमत लाखों रुपये है। इधर, सूचना पर कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। जांच के बाद लौट आई।
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दारोगा अनूप कुमार मौर्या ने बताया कि डा. उपेंद्र सचान की तहरीर पर चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई।