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एनआईए के आईजी ने ट्रैक की जांच की
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:26 AM IST
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ट्रेन हादसे की जांच करते एनआईए के आईजी
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रेल हादसे की जांच में दूसरी बार गुरुवार को एनआईए के आईजी आलोक मित्तल दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। वह पुखरायां स्टेशन से पैदल जांच करते हुए दुर्घटनास्थल तक पहुंचे।
पुखरायां स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर इंदौर-पटना एक्सप्रेस 20 नवंबर की भोर पहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पहले इसकी जांच रेलवे के संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य ने की।
बिहार में पकड़े गए मोतीलाल पासवान के कबूलनामे से रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आई। अब एनआईए इसकी जांच कर रही है। 28 जनवरी को आईजी ने दो घंटे तक दुर्घटनास्थल की जांच की थी। अगले दिन भीस्टेशन पर गोपनीय जांच कक्ष बना लिया।
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तीन दिन क्षेत्रीय लोगों और रेलकर्मियों से पूछताछ की गई। टीम के सदस्य दुर्घटनास्थल के इर्दगिर्द भी नजर रखे रहे। दुर्घटनास्थल की भौगोलिक जानकारी भी की गई। टीम ने कस्बे में भी घूमकर जांच की। गुरुवार की दोपहर अचानक स्टेशन पर पहुंचे एनआईए के आईजी गोपनीय जांच कक्ष में लगभग एक घंटे रहे। इसके बाद वह टीम के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से पैदल पटरियों से गुजरते हुए दुर्घटनास्थल पहुंचे। वहां रुककर बदली गई पटरी को भी देखा।
वापस होकर फिर एक निशान तक पहचान करने गए। आईजी शाम को करीब पांच बजे तक घटनास्थल पर रुके। टीम के साथ जीआरपी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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पुखरायां स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर इंदौर-पटना एक्सप्रेस 20 नवंबर की भोर पहर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। पहले इसकी जांच रेलवे के संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य ने की।
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बिहार में पकड़े गए मोतीलाल पासवान के कबूलनामे से रेल हादसे में आतंकी साजिश की बात सामने आई। अब एनआईए इसकी जांच कर रही है। 28 जनवरी को आईजी ने दो घंटे तक दुर्घटनास्थल की जांच की थी। अगले दिन भीस्टेशन पर गोपनीय जांच कक्ष बना लिया।
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तीन दिन क्षेत्रीय लोगों और रेलकर्मियों से पूछताछ की गई। टीम के सदस्य दुर्घटनास्थल के इर्दगिर्द भी नजर रखे रहे। दुर्घटनास्थल की भौगोलिक जानकारी भी की गई। टीम ने कस्बे में भी घूमकर जांच की। गुरुवार की दोपहर अचानक स्टेशन पर पहुंचे एनआईए के आईजी गोपनीय जांच कक्ष में लगभग एक घंटे रहे। इसके बाद वह टीम के साथ स्टेशन के प्लेटफार्म-1 से पैदल पटरियों से गुजरते हुए दुर्घटनास्थल पहुंचे। वहां रुककर बदली गई पटरी को भी देखा।
वापस होकर फिर एक निशान तक पहचान करने गए। आईजी शाम को करीब पांच बजे तक घटनास्थल पर रुके। टीम के साथ जीआरपी के अधिकारी भी मौजूद रहे।