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दहेज हत्या में दंपति व बेटे को दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:57 AM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में चल रहे दहेज हत्या के एक मामले में अदालत ने सुनवाई के दौरान तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई है साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह सेंगर ने बताया है कि भोगनीपुर थाना क्षेत्र के उमरिया जगदीशपुर गांव निवासी फूल सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी कि उन्हाेंने अपनी पुत्री का विवाह सजेती थाना क्षेत्र के हरदौली गांव निवासी रामबहादुर के पुत्र वीर सिंह संग किया था।
विवाह के कुछ दिन बाद से ही ससुरालीजन दहेज में मोटरसाइकिल, पचास हजार रुपये और भैंस की मांग रहे थे। पुत्री के असमर्थता जताने पर आए दिन उससे मारपीट करते थे। दहेज की मांग पूरी न कर पाने पर 6 मई 2013 को पुत्री की हत्या कर दी थी।
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मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम एके गुप्ता की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पति वीर सिंह, सास रामकली व ससुर रामबहादुर को हत्या का दोषी मानते हुए दस साल की सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद तीनो दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह सेंगर ने बताया है कि भोगनीपुर थाना क्षेत्र के उमरिया जगदीशपुर गांव निवासी फूल सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी कि उन्हाेंने अपनी पुत्री का विवाह सजेती थाना क्षेत्र के हरदौली गांव निवासी रामबहादुर के पुत्र वीर सिंह संग किया था।
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विवाह के कुछ दिन बाद से ही ससुरालीजन दहेज में मोटरसाइकिल, पचास हजार रुपये और भैंस की मांग रहे थे। पुत्री के असमर्थता जताने पर आए दिन उससे मारपीट करते थे। दहेज की मांग पूरी न कर पाने पर 6 मई 2013 को पुत्री की हत्या कर दी थी।
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मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम एके गुप्ता की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पति वीर सिंह, सास रामकली व ससुर रामबहादुर को हत्या का दोषी मानते हुए दस साल की सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद तीनो दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।