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हैंडपंप रिबोर कराने में हेराफेरी, सत्यापन में हुआ खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:42 AM IST
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सूखाग्रस्त देहात में वर्ष 2014 के दौरान जलनिगम की ओर से हैंडपंप रिबोर कराने में की गड़बड़ी का भांडाफोड़ एसडीएम की सत्यापन रिपोर्ट में हो गया है। अमर उजाला ने बीती इस मामले को 3 जुलाई को खबर प्रकाशित कर मुद्दा उठाया था। जिसके बाद डीएम के निर्देश पर हुए सत्यापन में गड़बड़झाले की बात उजागर हो गई। हैंडपंप रिबोर कराने में लाखों रुपयों के सरकारी धन के बंदरबांट की कलई खुलती नजर आ रही है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
मालूम हो कि वर्ष 2014-15 में जलनिगम को जिले के 10 विकासखंडों में हैंडपंप व नलकूप रिबोर कराने का जिम्मा सौंपा गया था। जलनिगम ने सभी विकासखंडों में 1.69 करोड़ रुपये में दो नलकूप व 186 हैंडपंपों को रिबोर की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी।
रिबोर के नाम पर हेराफेरी करने का खुलासा तब हुआ जब एक ही हैंडपंप को फोटोग्राफी के जरिए अलग-अलग ढंग से दिखा दिया। हैंडपंप रिबोर में गड़बड़ी की आशंका पर 29 जुलाई को डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सभी एसडीएम को सत्यापन करने का आदेश जारी कर दिया। अमर उजाला ने 3 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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सत्यापन आख्या न मिलने पर एडीएम ने 8 व 16 जुलाई को रिमाइंडर जारी किया था। सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों की सत्यापन आख्या मिलने के बाद हैंडपंप रिबोर गड़बड़झाले की पुष्टि हुई है। फिलहाल एसडीएम की सत्यापन आख्या को एडीएम ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा है।
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मालूम हो कि वर्ष 2014-15 में जलनिगम को जिले के 10 विकासखंडों में हैंडपंप व नलकूप रिबोर कराने का जिम्मा सौंपा गया था। जलनिगम ने सभी विकासखंडों में 1.69 करोड़ रुपये में दो नलकूप व 186 हैंडपंपों को रिबोर की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी।
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रिबोर के नाम पर हेराफेरी करने का खुलासा तब हुआ जब एक ही हैंडपंप को फोटोग्राफी के जरिए अलग-अलग ढंग से दिखा दिया। हैंडपंप रिबोर में गड़बड़ी की आशंका पर 29 जुलाई को डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सभी एसडीएम को सत्यापन करने का आदेश जारी कर दिया। अमर उजाला ने 3 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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सत्यापन आख्या न मिलने पर एडीएम ने 8 व 16 जुलाई को रिमाइंडर जारी किया था। सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों की सत्यापन आख्या मिलने के बाद हैंडपंप रिबोर गड़बड़झाले की पुष्टि हुई है। फिलहाल एसडीएम की सत्यापन आख्या को एडीएम ने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा है।