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राजनाथ हत्याकांड के दोषियों को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूूराो
Updated Wed, 30 Mar 2016 01:05 AM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत में चल रहे हत्या के एक मामले में अदालत ने सुनवाई के दौरान तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि 12 जून 2005 को ग्राम मवईमुक्ता थाना डेरापुर निवासी देवेंद्र नाथ शुक्ला पुत्र दयाशंकर ने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी कि वह गांव में अपने घर के दरवाजे पर बैठा था। अंदर उसका बेटा राजनाथ शुक्ला अपनी पत्नी और बच्चों संग था, तभी रात 9:30 बजे पड़ोसी नीलू उर्फ मनोज, शरद कुमार और काशी प्रसाद घर में घुस आए और मारपीट करने लगे और राजनाथ को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राकेश कुमार शुक्ला की कोर्ट में हो रही थी। सुनवाई से अदालत ने नीलू उर्फ मनोज मिश्र, शरद कुमार मिश्र और काशी प्रसाद मिश्र को राजनाथ की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता पंकज त्रिपाठी ने बताया कि 12 जून 2005 को ग्राम मवईमुक्ता थाना डेरापुर निवासी देवेंद्र नाथ शुक्ला पुत्र दयाशंकर ने पुलिस में रिपोर्ट लिखाई थी कि वह गांव में अपने घर के दरवाजे पर बैठा था। अंदर उसका बेटा राजनाथ शुक्ला अपनी पत्नी और बच्चों संग था, तभी रात 9:30 बजे पड़ोसी नीलू उर्फ मनोज, शरद कुमार और काशी प्रसाद घर में घुस आए और मारपीट करने लगे और राजनाथ को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
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मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राकेश कुमार शुक्ला की कोर्ट में हो रही थी। सुनवाई से अदालत ने नीलू उर्फ मनोज मिश्र, शरद कुमार मिश्र और काशी प्रसाद मिश्र को राजनाथ की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।