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रायसीना हिल्स पहुंचा भांजा, नानिहाल झूमा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jul 2017 01:39 AM IST
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गीत गाते लाोग।
- फोटो : अमर उजाला
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रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनते ही परौंख और झींझक के साथ ही उनकी ननिहाल नंथू गांव में भी जश्न का माहौल है। गांव की महिलाओें ने बधाई गीत पर नृत्य किया। रिश्तेदारों ने घर-घर मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
डेरापुर विकास खंड के नंथू गांव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ननिहाल हैं। बुधवार को मामा बाबूराम ने भी भांजे के राष्ट्रपति बनने की खुशी का इजहार किया। गांव में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें गांव की महिलाओं ने ढोलक की थाप पर बधाई गीत गाए और जमकर थिरकीं।
इधर, ननिहाल की जानकारी लगते ही सीओ सिकंदरा एपी श्रीवास्तव और भाजपा के जिला महामंत्री एवं बीएसएनएल के सलाहकार रामप्रकाश प्रजापति भी कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंच गए। बाबूराम ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान आखिर बार रामनाथ कोविंद घर आए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि राष्ट्रपति गांव परौंख आएं तो नंथू भी आएंगे। इसके बाद भाजपाइयों ने वहां पौधरोपण किया। इस मौके पर प्रधान पति सुरेंद्र सिंह, रामप्रसाद, रामनाथ, मनमोहन आदि मौजूद रहे।
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रामनाथ कोविंद के करीबी और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने मुख्य अभियंता से झींझक को बिजली कटौती मुक्त किए जाने की मांग की है। उन्होंने मुख्य अभियंता को पत्र के माध्यम से बताया कि राष्ट्रपति का पैतृक गांव परौंख हैं, लेकिन उनका परिवार झींझक में रह रहा है, इसलिए क्षेत्र को बिजली कटौती मुक्त किया जाए।
चाचा संग किया नाश्ता, पेन-डायरी भेंट की
भतीजा दीपक चाचा संग बिताए गए हर पल को सोशल मीडिया पर साझा रहे हैं। बुधवार को दीपक ने सोशल मीडिया पर बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें चाचा के साथ बैठने का पहला मौका मिला। हम सभी ने एक साथ टेबल पर बैठकर नाश्ता किया। उस वक्त उन्होंने पिता प्यारेलाल कोविंद से पुरानी दिनों की याद कर बातें कीं। इसके साथ ही उन्होंने गांव और झींझक में रहने वाले आसपास के लोगों का हालचाल भी लिया। जब उन्होंने नाश्ते के बाद चाचा को पेन और डायरी भेंट की। उन्होंने बचपन के दिनों को याद कराते हुए कहा कि तब हम तुम्हारे लिए कापी-पेन लाते थे। आज तुम हमारे लिए लेकर आए हो। वहीं, दीपक ने बताया कि नाश्ते के बाद चाचा अपने काम से निकल गए। उसके बाद हम सभी राष्ट्रपति भवन घूमने निकले। राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन, अशोका हाल, अजायब घर आदि सभी आकर्षक हैं।
ऊंचाहार एक्सप्रेस से परिवार की वापसी आज
दीपक ने बताया कि बुधवार रात उनकी वापसी हैं। परिवार के सभी सदस्य ऊंचाहार से वापस झींझक आएंगे, लेकिन चाचा के साथ बिताए गए हर पल यादगार रहेंगे। बड़े नेताओं से मुलाकात पर इतनी खुशी हुई, जिसे बताया नहीं जा सकता। वहीं, परिवार की वापसी पर झींझक के लोगों ने विशेष इंतजाम किए हैं। क्षेत्रीय लोग बैंड बाजे के साथ परिवार को लेने के लिए स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को जश्न मनाया जाएगा।
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डेरापुर विकास खंड के नंथू गांव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ननिहाल हैं। बुधवार को मामा बाबूराम ने भी भांजे के राष्ट्रपति बनने की खुशी का इजहार किया। गांव में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें गांव की महिलाओं ने ढोलक की थाप पर बधाई गीत गाए और जमकर थिरकीं।
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इधर, ननिहाल की जानकारी लगते ही सीओ सिकंदरा एपी श्रीवास्तव और भाजपा के जिला महामंत्री एवं बीएसएनएल के सलाहकार रामप्रकाश प्रजापति भी कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंच गए। बाबूराम ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान आखिर बार रामनाथ कोविंद घर आए थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि राष्ट्रपति गांव परौंख आएं तो नंथू भी आएंगे। इसके बाद भाजपाइयों ने वहां पौधरोपण किया। इस मौके पर प्रधान पति सुरेंद्र सिंह, रामप्रसाद, रामनाथ, मनमोहन आदि मौजूद रहे।
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रामनाथ कोविंद के करीबी और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने मुख्य अभियंता से झींझक को बिजली कटौती मुक्त किए जाने की मांग की है। उन्होंने मुख्य अभियंता को पत्र के माध्यम से बताया कि राष्ट्रपति का पैतृक गांव परौंख हैं, लेकिन उनका परिवार झींझक में रह रहा है, इसलिए क्षेत्र को बिजली कटौती मुक्त किया जाए।
चाचा संग किया नाश्ता, पेन-डायरी भेंट की
भतीजा दीपक चाचा संग बिताए गए हर पल को सोशल मीडिया पर साझा रहे हैं। बुधवार को दीपक ने सोशल मीडिया पर बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें चाचा के साथ बैठने का पहला मौका मिला। हम सभी ने एक साथ टेबल पर बैठकर नाश्ता किया। उस वक्त उन्होंने पिता प्यारेलाल कोविंद से पुरानी दिनों की याद कर बातें कीं। इसके साथ ही उन्होंने गांव और झींझक में रहने वाले आसपास के लोगों का हालचाल भी लिया। जब उन्होंने नाश्ते के बाद चाचा को पेन और डायरी भेंट की। उन्होंने बचपन के दिनों को याद कराते हुए कहा कि तब हम तुम्हारे लिए कापी-पेन लाते थे। आज तुम हमारे लिए लेकर आए हो। वहीं, दीपक ने बताया कि नाश्ते के बाद चाचा अपने काम से निकल गए। उसके बाद हम सभी राष्ट्रपति भवन घूमने निकले। राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन, अशोका हाल, अजायब घर आदि सभी आकर्षक हैं।
ऊंचाहार एक्सप्रेस से परिवार की वापसी आज
दीपक ने बताया कि बुधवार रात उनकी वापसी हैं। परिवार के सभी सदस्य ऊंचाहार से वापस झींझक आएंगे, लेकिन चाचा के साथ बिताए गए हर पल यादगार रहेंगे। बड़े नेताओं से मुलाकात पर इतनी खुशी हुई, जिसे बताया नहीं जा सकता। वहीं, परिवार की वापसी पर झींझक के लोगों ने विशेष इंतजाम किए हैं। क्षेत्रीय लोग बैंड बाजे के साथ परिवार को लेने के लिए स्टेशन पहुंचेंगे। इसके बाद शाम को जश्न मनाया जाएगा।