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पुखरायां और मलासा के बीच फिर पटरी चटकी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2017 01:55 AM IST
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पटरी
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर रेल लाइन पर मलासा और पुखरायां स्टेशन के बीच चटकी पटरी की सूचना पर पहले क्लंप लगाकर धीमी गति से मालगाड़ी गुजारी गई। इसके बाद ब्लॉक लेकर 12 पटरी बदली गई।
सूचना पर पहुंचे रेलवे के पीडब्लूआई पवन कुमार ने बताया कि गैंगमैन ने बुधवार को खंभा नंबर 1297 के पास पटरी चटकी होने की सूचना दी थी। बुधवार सुबह पांच बजे वह कर्मचारियों को लेकर मौके पर आ गए। पटरी का निरीक्षण कर मलासा के स्टेशन मास्टर को अवगत कराया।
साथ ही विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई। चटकी पटरी में क्लिंप लगाकर कानपुर की ओर जाने वाली मालगाड़ी को कॉशन लगाकर निकाला गया।
पटरी का जायजा लेने पहुंचे सीनियर डीईएन एसके भगत ने जानकारी हासिल की। पटरी का सेंटर परिवर्तित न होने पर किसी प्रकार की दिक्कत होने से इंकार कर दिया। वहीं पीडब्लूआई को पटरी वदलवा कर अच्छी तरह जांच करने का निर्देश दिया। बताया कि पारा गिरने पर लोहा सिकुड़ता है, जिससे पटरियां चटक सकती हैं।
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इस बीचकानपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को धीमी गति से गुजारा गया। ब्लॉक लेने के लिए दोपहर बाद दो बजे तक कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ा। ब्लाक मिलने के बाद पटरी बदलकर बेल्ंिडग कराई गई।
कॉशन से ट्रेनों का संचालन जारी रहा। जांच करने के लिए डीएनई मनोज मिश्र, वरिष्ठ खंड अभियंता अरुण शर्मा, खंड अभियंता वीके श्रीवास्तव भी पहुंचे। राष्ट्रीय रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद ने उत्तर मध्य रेल प्रबंधक अरुण सक्सेना से पुरानी पटरियां बदलने की मांग की है।
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सूचना पर पहुंचे रेलवे के पीडब्लूआई पवन कुमार ने बताया कि गैंगमैन ने बुधवार को खंभा नंबर 1297 के पास पटरी चटकी होने की सूचना दी थी। बुधवार सुबह पांच बजे वह कर्मचारियों को लेकर मौके पर आ गए। पटरी का निरीक्षण कर मलासा के स्टेशन मास्टर को अवगत कराया।
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साथ ही विभागीय अधिकारियों को सूचना दी गई। चटकी पटरी में क्लिंप लगाकर कानपुर की ओर जाने वाली मालगाड़ी को कॉशन लगाकर निकाला गया।
पटरी का जायजा लेने पहुंचे सीनियर डीईएन एसके भगत ने जानकारी हासिल की। पटरी का सेंटर परिवर्तित न होने पर किसी प्रकार की दिक्कत होने से इंकार कर दिया। वहीं पीडब्लूआई को पटरी वदलवा कर अच्छी तरह जांच करने का निर्देश दिया। बताया कि पारा गिरने पर लोहा सिकुड़ता है, जिससे पटरियां चटक सकती हैं।
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इस बीचकानपुर की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को धीमी गति से गुजारा गया। ब्लॉक लेने के लिए दोपहर बाद दो बजे तक कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ा। ब्लाक मिलने के बाद पटरी बदलकर बेल्ंिडग कराई गई।
कॉशन से ट्रेनों का संचालन जारी रहा। जांच करने के लिए डीएनई मनोज मिश्र, वरिष्ठ खंड अभियंता अरुण शर्मा, खंड अभियंता वीके श्रीवास्तव भी पहुंचे। राष्ट्रीय रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद ने उत्तर मध्य रेल प्रबंधक अरुण सक्सेना से पुरानी पटरियां बदलने की मांग की है।