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माती जेल में बंदी फांसी पर झूलता मिला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2016 01:05 AM IST
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माती जिला जेल में मंगलवार दोपहर विचाराधीन बंदी बैरक की सीढ़ियों में गमछे के सहारे फांसी पर झूलता पाया गया। यह देख जेल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां हालत बिगड़ने पर उसे कानपुर रेफर कर दिया गया।
वहीं, जेलर आरके पांडेय ने किसी विवाद से इनकार किया। कैदी ने जान देने का प्रयास क्यों किया, इसका कारण वह नहीं बता पाए।
रसूलाबाद थाना क्षेत्र के पहाड़ीपुर गांव निवासी समरजीत (38) पुत्र रामकुमार चोरी के एक मामले में 27 फरवरी 2016 से जिला कारागार में विचाराधीन बंदी था। मंगलवार दोपहर समरजीत को बैरक की सीढ़ियों पर गमछे के फंदे से लटकते देख जेल में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे जेल प्रशासन ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
जहां उसकी हालत और बिगड़ गई। इस पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। देर शाम समरजीत को हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी हालत स्थिर बताई जा रही थी। देर रात तक हैलट में बंदी के परिजन नहीं पहुंचे थे।
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वहीं, जेलर आरके पांडेय ने किसी विवाद से इनकार किया। कैदी ने जान देने का प्रयास क्यों किया, इसका कारण वह नहीं बता पाए।
रसूलाबाद थाना क्षेत्र के पहाड़ीपुर गांव निवासी समरजीत (38) पुत्र रामकुमार चोरी के एक मामले में 27 फरवरी 2016 से जिला कारागार में विचाराधीन बंदी था। मंगलवार दोपहर समरजीत को बैरक की सीढ़ियों पर गमछे के फंदे से लटकते देख जेल में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे जेल प्रशासन ने गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
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जहां उसकी हालत और बिगड़ गई। इस पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया। देर शाम समरजीत को हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी हालत स्थिर बताई जा रही थी। देर रात तक हैलट में बंदी के परिजन नहीं पहुंचे थे।
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